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डॉक्टरों का दावा: मां काे लगा टीका, बच्ची में जन्म से ही एंटीबॉडी

Fri, 19 Mar 2021 06:33 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, न्यूयॉर्क
एजेंसी, न्यूयॉर्क Published by: देव कश्यप Updated Fri, 19 Mar 2021 06:33 AM IST
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Coronavirus Pandemic doctors claim mother injected vaccine work as a antibodies in child from birth
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

दुनिया में कोरोना की बढ़ती भयावहता के बीच अमेरिका में इस जानलेवा महामारी को मात देने वाली एंटीबॉडी के साथ पहली उम्मीद पैदा हुई है। न्यूयॉर्क में टीके की पहली खुराक लगवाने के तीन सप्ताह बाद महिला ने बेटी को जन्म दिया। डॉक्टरों ने बच्ची के रक्त का नमूना तुरंत जांच के लिए भेजा, तो उन्हें इस नन्ही परी के शरीर में कोरोना को मात देने वाली प्रतिरोधक क्षमता के साक्ष्य मिले।

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अमेरिका के बाल रोग विशेषज्ञों के मुताबिक, कोरोना महामारी के दौर में यह अपने तरह का पहला मामला है, जब मां के टीकाकरण के बाद पैदा हुई बच्ची के शरीर में एंटीबॉडी मिले हैं। चिकित्सकीय अध्ययनाें के एक प्री-प्रिंट सर्वर पर इस बारे में शोधपत्र प्रकाशित किया गया, जिसका मूल्यांकन बाकी है। शोध के मुताबिक गर्भवती महिला को 36वें हफ्ते में मॉडर्ना एमआरएनए टीके की पहली खुराक दी गई थी। नवजात के शरीर में सार्स कोव 2आईजीजी एंटीबॉडी मिली है। 
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जन्म के बाद ली दूसरी खुराक
महिला ने बेटी को जन्म देने के बाद टीकाकरण की तय समयसीमा 28 दिनों के बाद दूसरी खुराक भी लगवाई है। इस दौरान मां स्तनपान करा रही है।

इसलिए जगी आस
अब तक के अध्ययनों के मुताबिक, गर्भवती से भ्रूण में एंटीबॉडी के पहुंचने की उम्मीद न के बराबर थी। लेकिन, इस शोध से आस जगी है कि अगर मां को टीका दिया जाए तो पैदा होने वाले शिशु में एंटीबॉडी हो सकती है। शोध के सह लेखक गिल्बर और रुडनिक का मानना है कि इस मामले में अभी और अध्ययन किया जाएगा और देखा जाएगा कि एंटीबॉडी बच्ची के शरीर पर और क्या असर डालती है।
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मां और बेटी दोनों हैं पूरी तरह स्वस्थ
फिलहाल मां और बेटी पूरी तरह स्वस्थ हैं। शोधकर्ताओं का कहना है, पहली खुराक के बाद फ्लोरिडा निवासी स्वास्थ्यकर्मी में वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी का निर्माण हुआ। शोध में शामिल डॉक्टर पॉल गिलबर्ट ने पाया कि स्वास्थ्यकर्मी का टीकाकरण उसकी गर्भावस्था के अंतिम तीन महीनों में किया जा सकता है। एंटीबॉडी प्लैसेंटा से बच्चे तक पहुंची।

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