ब्रिटेन : भारतीय और विदेशी डॉक्टरों के लिए वीजा अवधि बढ़ाई गई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्रिटेन सरकार ने मंगलवार को कहा कि कोरोना वायरस संकट से संघर्ष को देखते हुए भारत समेत वे सभी विदेशी डॉक्टर, जिनके वीजा इस साल अक्तूबर में समाप्त हो रहे हैं, उन्हें एक साल के लिए स्वत: एक्सटेंशन मिल जाएगा।
ब्रिटेन की गृह मंत्री प्रीति पटेल द्वारा घोषित इस योजना का लाभ लगभग 2,800 प्रवासी डॉक्टरों, नर्सों और अन्य लोगों को मिलेगा, जिनका वीजा एक अक्तूबर को खत्म होने वाला है। पटेल ने कहा कि डॉक्टर, नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ कोरोना वायरस से निपटने और लोगों की जान बचाने के राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा के प्रयासों में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। हम उन कार्यो के लिए उन सभी का बहुत आभार मानते हैं, जो वे करते हैं।
भारतीय मूल की मंत्री ने कहा कि मैं उन्हें वीजा प्रक्रिया से विचलित नहीं करना चाहती हूं। इसीलिए मैंने स्वत: ही उनके वीजा को एक साल के लिए मुफ्त में बढ़ा दिया है। गृह मंत्रालय ने कहा कि वीजा की यह बढ़ोतरी उनके परिवार के सदस्यों पर भी लागू होगी। बता दें कि डॉक्टरों और नर्सों को अग्रिम पंक्ति में लाने के लिए इन प्रतिबंधों को स्वास्थ्य सेवाओं से भी हटा दिया गया है।
विदेशी नर्सों को परीक्षा पास करने के लिए अधिक समय
ब्रिटेन में पूर्व-पंजीकृत विदेशी नर्सें, जिन्हें वर्तमान में तीन महीने के भीतर अपना पहला कौशल परीक्षण करने और आठ महीने के भीतर परीक्षा पास करने की आवश्यकता है, अब इस समयसीमा को वर्ष के अंत तक बढ़ाया जाएगा। इससे विदेशी नर्सों को अपनी परीक्षा पास करने के लिए अधिक समय मिल जाएगा।
आईएचएस से भी मिलेगी छूट
गृह मंत्रालय के मुताबिक प्रशिक्षु डॉक्टर और नर्स भी उस समय तक सीमित नहीं रहेंगे, जब वे एनएचएस में काम कर सकते हैं। एनएचएस वीजा का विस्तार न केवल शुल्क मुक्त और स्वचालित होगा, बल्कि इमिग्रेशन हेल्थ सरचार्ज (आईएचएस) से भी छूट प्राप्त होगी।
अमेरिका में एच-1 बी वीजा कार्यक्रम रोकने का आग्रह
अमेरिकी तकनीकी श्रमिकों का प्रतिनिधित्व करने वाली संस्था यूएस टेक वर्कर्स ने कोरोना वायरस महामारी के कारण बड़े पैमाने पर छंटनी के बीच अपने हितों की रक्षा के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से इस साल एच-1 बी वीजा कार्यक्रम को बंद करने का आग्रह किया है। संगठन ने ट्रंप को अपने पत्र में अस्थाई रूप से आए विदेशी कामगारों के लिए आर्थिक संकट के मद्देनजर यह मांग की है।