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जर्मनी का सबसे बड़ा बूचड़खाना बना कोरोना का गढ़, सरकार ने बचाव के लिए लॉन्च किया एप
Thu, 18 Jun 2020 03:54 AM IST
संजीव कुमार झा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Thu, 18 Jun 2020 03:54 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पीटीआई
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पूरी दुनिया में कोरोना संक्रमितों की संख्या 80 लाख के पार हो गई है। मृतकों की संख्या 4 लाख 50 हजार से अधिक हो गई है। इस बीच जर्मनी का सबसे बड़ा बूचड़खाना भी बुधवार को कोरोना के चपेट में आ गया। यहां के 983 कर्मचारियों में से 657 की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है जबकि 326 की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। इन सभी संक्रमित कर्मचारियों को इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया गया है वहीं संपर्क में आए लोगों को क्वारंटीन कर जांच की जा रही है।
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बूचड़खाना के अधिकारियों से जब कोरोना संक्रमण को लेकर पूछा गया तो उन्होंने इसका दोष अपने कर्मचारियों पर मढ़ दिया। अधिकारियों ने कहा कि हो सकता है संक्रमण पूर्वी यूरोपीय देशों में अपने परिवारों से मिलकर आने वाले श्रमिकों से फैला हो। दरअसल ये सभी कर्मचारी लॉकडाउन में छूट देने के बाद अपने परिवार से मिलने गए थे।
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जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल ने इस मामले पर मीडिया को बताया कि अगर देश के किसी भी कोना में संक्रमण के मामले आते हैं तो हम वहां सख्ती से लॉकडाउन का पालन करवाएंगे। उन्होंने कहा कि जिस बूचड़खाने में संक्रमण के मामले मिले हैं उसे सील की जाएगी और आसपास के इलाके को भी सील की जाएगी।
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बता दें कि जर्मनी में कोरोना संक्रमितों की संख्या 1,90,179 तक जा पहुंची है। यहां पर इसकी वजह से अब तक 8,927 मरीजों की मौत भी हो चुकी है। सरकार की तरफ से लगातार इस वायरस की रोकथाम के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इस कठिन दौर में जर्मनी भी कोरोना से बचने के लिए एक एप लॉन्च किया है।
सरकार की तरफ से लॉन्च किया गया ये एप ब्लूटूथ तकनीक से काम करता है। आपको यहां पर ये भी बता दें कि इसी तकनीक पर आधारित आरोग्य एप भारत में काफी समय पहले लॉन्च किया गया था। इस एप के जरिए व्यक्ति को अपने आसपास कोरोना पॉजीटिव मरीज की जानकारी समय रहते मिल जाती है।
लेकिन जर्मनी के लिए एक राहत की भी खबर है कि अप्रैल के मुकाबले अब रोजाना आने वाले नए मामलों में काफी गिरावट आ चुकी है, लेकिन ये अब भी खत्म नहीं हुआ है। इस बीच, खाद्य और पेय पदार्थ यूनियन ने सरकार से कहा है कि मीट उद्योग में "बुनियादी बदलाव" किया जाए और बूचड़खानों को स्पष्ट दिशा निर्देश जारी किए जाएं ताकि कोरोना संक्रमण पर काबू पाया जा सके।