{"_id":"5f34a0278ebc3e3cd309fe9c","slug":"coronavirus-high-levels-of-antibodies-found-in-hospitalized-patients","type":"story","status":"publish","title_hn":"Coronavirus: अस्पताल में भर्ती मरीजों में एंटीबॉडीज का स्तर अधिक","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Coronavirus: अस्पताल में भर्ती मरीजों में एंटीबॉडीज का स्तर अधिक
Thu, 13 Aug 2020 07:38 AM IST
संजीव कुमार झा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Thu, 13 Aug 2020 07:38 AM IST
विज्ञापन
कोरोना मरीज
- फोटो : पीटीआई
कोरोना संक्रमण की चपेट में आकर अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों में एंटीबॉडीज का स्तर अधिक होता है। ब्रिटेन की स्वास्थ्य सेवा नेशनल हेल्थ सर्विस के चिकित्सकों ने ये दावा किया है। चिकित्सकों का कहना है कि अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों के ब्लड रिपोर्ट के अध्ययन में पता चला है कि कोरोना संक्रमित 76 फीसदी मरीजों में एंटीबॉडीज का स्तर अधिक होता है।
विज्ञापन
एनएचएस ने अस्पताल में भर्ती होने वाले कोरोना मरीजों से अपील की है कि वे अपना प्लाज्मा दान करें। उनके प्लाज्मा से हजारों लोगों की जान बच सकती है।
17 से 70 साल तक के दे सकते हैं प्लाज्मा
एनएचएस के अनुसार प्लाज्मा दान करने में औसतन 45 मिनट का समय लगता है। इसके बाद प्लाज्मा को प्लाज्माफेरेसिस मशीन से अलग किया जाता है। 17 से 70 वर्ष के स्वस्थ लोग प्लाज्मा डोनेट कर दूसरों की जान बचा सकते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि अस्पताल में अधिकतर गंभीर मरीज भर्ती हुए हैं। ऐसे में इन लोगों में वायरल लोड भी अधिक था जिसके कारण एंटीबॉडीज का स्तर अधिक होता है।
विज्ञापन