आपबीती: मुझे विश्वास नहीं हुआ कि कोरोना हो गया, आप सतर्क रहें तभी खुश रहेंगे
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मैं 38 वर्षीय डैनी शर्मा डिस्क जॉकी के तौर पर ब्रिटेन में लोगों की जिंदगी में खुशियां भरता था। सबको खुश देखकर बेहद खुश रहता था, लेकिन मुझपर कोरोना की नजर लग गई। फिर भी मैंने हार नहीं मानी। आखिरी दम तक फेसबुक के जरिये मैं अपना दर्द बयान कर रहा हूं ताकि आप सब इस जानलेवा वायरस से बच सकें।
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मैं 38 वर्षीय डैनी शर्मा डिस्क जॉकी के तौर पर ब्रिटेन में लोगों की जिंदगी में खुशियां भरता था। सबको खुश देखकर बेहद खुश रहता था, लेकिन मुझपर कोरोना की नजर लग गई। फिर भी मैंने हार नहीं मानी। आखिरी दम तक फेसबुक के जरिये मैं अपना दर्द बयान कर रहा हूं ताकि आप सब इस जानलेवा वायरस से बच सकें।
आप सबसे विनती है कि सतर्क रहें तभी आपके परिवार की खुशियां सलामत रहेंगी। मुझे पिछले कुछ वर्षों से मधुमेह की समस्या थी। ऐसे में मैं सतर्क था और कुछ मिलते-जुलते लक्षण दिखते ही 22 मार्च को कोरोना की जांच कराई। वही हुआ जिसका डर था। कोरोना की पुष्टि हो गई।
पहले तो मेरे पैरों तले जमीन खिसक गई। विश्वास नहीं हुआ कि मुझे कोरोना हो गया है। मैं इस वक्त हिलिंगडन अस्पताल में भर्ती हूं, लेकिन हालत बिगड़ती जा रही है। 23 मार्च को मुझे हैमरस्मिथ अस्पताल में भर्ती कराया गया है लेकिन हालत और बिगड़ गई।
सांस लेने में तकलीफ... पर लड़ रहा हूं
डॉक्टर मुझे बचाने की कोशिश कर रहे...
इलाज कर रहे डॉक्टर मुझे बचाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। वे मुझे सात दिन के लिए आईसीयू में कोमा की स्थिति में रखना चाहते हैं ताकि शरीर वायरस से रिकवर कर सकें उनके पास दूसरा विकल्प नहीं है।
कोरोना की वो भयावह काली रात
एक-दूसरे की मदद से जारी है जंग
मेरे परिचित 73 वर्षीय वयोवृद्ध लुई सावियोति जब भी खरीदारी करने डिपार्टमेंटल स्टोर जाते हैं तो वे अपने अपार्टमेंट के आसपास रहने वालों से बात करके उनकी जरूरतों के बारे में मालूम करते हैं। इस तरह वह उनके लिए भी खरीदारी करके सामान मुहैया करवा रहे हैं जो अपने घर से नहीं निकल पा रहे। एक-दूसरे के लिए इस प्रकार से सभी मदद करते हुए वायरस के खिलाफ जंग में योगदान दे रहे हैं।
बीमार अस्पताल न जाएं, वहां खतरा ज्यादा है...
भाई आखिरी सांस तक दूसरों की चिंता करता रहा...
डैनी के भाई विन्नी शर्मा ने कहा कि उनका भाई आखिरी सांस तक दूसरों की चिंता करता रहा। ईश्वर से दुआ है उन्हें अपने चरणों में जगह दें। डैनी की मौत के बाद भारत में रह रहे उनके करीबी गम में डूबे हैं तो उनकी मां और भाई ने खुद को आइसोलेट कर लिया है।