फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Coronavirus Case News In Hindi : Ebola medication reduces ventilator requirement in 68 percent of patients

कोरोना: इबोला की दवा से 68 फीसदी मरीजों में वेंटिलेटर की जरूरत हुई कम

Tue, 14 Apr 2020 02:38 AM IST
योगेश साहू वर्ल्ड डेस्क, लंदन।
वर्ल्ड डेस्क, लंदन। Published by: योगेश साहू Updated Tue, 14 Apr 2020 02:38 AM IST
विज्ञापन
Coronavirus Case News In Hindi :  Ebola medication reduces ventilator requirement in 68 percent of patients
लखनऊ के सदर इलाके में कोरोना की जांच के लिए नमूना एकत्र करते स्वास्थ्य कर्मी। - फोटो : PTI

गंभीर मरीजों में वेंटिलेटर जाने की जरूरत को रेमेडिसिविर दवा से कम किया जा सकता है। द न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन के अनुसार रेमेडिसिविर के इस्तेमाल से 68 फीसदी कोरोना के गंभीर मरीजों में वेंटिलेटर और ऑक्सीजन देने की आशंका कम हुई है। ये दवा इबोला महामारी में दी गई थी। भारत में फिलहाल इस दवा का निर्माण नहीं होता है लेकिन आने वाले दिनों में सरकार दवा कंपनियों से इसके निर्माण के लिए संपर्क  कर सकती है।

विज्ञापन


68 फीसदी मरीजों में अच्छे नतीजे
53 गंभीर मरीजों में किए अध्ययन के अनुसार 68 फीसदी (36 मरीज) में दवा के परिणाम संतोषजनक मिले हैं। 25 जनवरी से सात मार्च के बीच मरीजों को 10 दिन तक यह दवा दी गई थी। पहले दिन 200 और बाकी 9 दिन 100 एमजी की डोज दी गई थी। उन्हीं मरीजों को ये दवा दी गई जिनमें वेंटिलेटर या ऑक्सीजन की 94 फीसदी जरूरत लग रही थी।
विज्ञापन


दवा की समीक्षा के लिए अध्ययन शुरू
सोमवार को भारतीय आईसीएमआर) के मुख्य महामारी विशेषज्ञ डॉ. रमन आर गंगखेड़कर ने भविष्य में रेमेडिसिविर दवा के भारत में इस्तेमाल होने के सवाल पर उन्होंने कहा, यह दवा इबोला में इस्तेमाल हुई थी। उस वक्त इसके परिणाम काफी अच्छे सामने आए थे। अभी तक क्लीनिकल ट्रायल इस पर नहीं हुआ है लेकिन समीक्षात्मक अध्ययन जरूर हुआ है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


भारत में उपलब्ध नहीं है यह दवा
इसमें दो तिहाई यानी तीन में से दो कोरोना मरीज, जिन्हें वेंटिलेटर या ऑक्सीजन की जरूरत थी वह कम हुई है। गिलियार्ड कंपनी इस दवा को बनाती है। भारत में अब तक ये दवा उपलब्ध नहीं है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के साथ मिलकर आईसीएमआर जो ट्रायल कर रहा है उसमें रेमेडिसिविर भी शामिल है। इस ट्रायल के बाद हमें पता चल जाएगा और अगर कोई फॉर्मा कंपनी इसे देश में बनाती है तो उस दिशा में आगे बढ़ा जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed