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दावा: जल्द ही आ जाएगा छह माह की उम्र के बच्चे का भी कोरोना टीका
Thu, 01 Apr 2021 03:08 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, वाशिंगटन।
एजेंसी, वाशिंगटन।
Published by: Jeet Kumar
Updated Thu, 01 Apr 2021 03:08 AM IST
सार
- फाइजर के अलावा करीब आधा दर्जन टीका निर्माता कंपनियां कर रही हैं शोध
- विशेषज्ञों का मानना है कि इस महामारी को रोकना है तो बच्चों का भी टीकाकरण करना ही होगा।
- एस्ट्राजेनेका पिछले महीने ही ब्रिटेन में 6 से 17 साल तक की उम्र वाले बच्चों पर शोध शुरू कर चुकी है।
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Pfizer vaccine
- फोटो : Agency
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विस्तार
फाइजर और उसकी सहयोगी जर्मन कंपनी बायोएनटेक ने भले ही कम उम्र के बच्चों के लिए भी अपनी कोविड-19 वैक्सीन सुरक्षित होने का दावा किया हो, लेकिन इस दिशा में वह अकेली नहीं है।
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करीब आधा दर्जन कंपनियां बच्चों के लिए भी कोरोना वायरस से बचाव का टीका बाजार में उतारने की होड़ में जुटी हुई हैं। कंपनियों का दावा है कि जल्द ही छह माह के बच्चे के लिए भी बाजार में कोरोना टीका उपलब्ध होगा।
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वैश्विक स्तर पर अभी तक अधिकतर कोविड-19 वैक्सीन व्यस्कों के लिए ही बाजार में उतारी गई हैं। माना जा रहा है कि बच्चों के मुकाबले बालिगों के महामारी की चपेट में आने का खतरा बेहद ज्यादा होता है। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इस महामारी को रोकना है तो बच्चों का भी टीकाकरण करना ही होगा।
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फाइजर और बायोएनटेक अपनी वैक्सीन के आपातकालीन उपयोग की मंजूरी के लिए जल्द ही आवेदन करेंगी, लेकिन उनके अलावा भी कई कंपनियां होड़ में खड़ी हैं। अमेरिकी कंपनी मॉडर्ना भी 12 से 17 साल तक बच्चों पर कोरोना वैक्सीन के प्रभाव को लेकर अध्ययन कर रही है और उसकी रिपोर्ट बेहद जल्द सामने आने वाली है।
सूत्रों का कहना है कि मॉडर्ना के अध्यययन में सामने आए तथ्य बेहद सकारात्मक हैं। इसके चलते यूएसएफडीए पहले ही फाइजर और मॉडर्ना को 6 साल की उम्र वाले नवजात बच्चे तक पर कोविड-19 के प्रभाव पर शोध करने की अनुमति दे चुका है।
इन दोनों कंपनियों के अलावा एस्ट्राजेनेका पिछले महीने ही ब्रिटेन में 6 से 17 साल तक की उम्र वाले बच्चों पर अपनी वैक्सीन के प्रभाव पर शोध शुरू कर चुकी है।
जॉनसन एंड जॉनसन भी अपने पीडियाट्रिक अध्ययन शुरू करने जा रहा है, जबकि चीन की सिनोवेक कंपनी ने हाल ही में दावा किया था कि उसने 3 साल तक की उम्र के बच्चों के लिए अपनी वैक्सीन सुरक्षित होने से जुड़ा प्राथमिक डाटा चीनी नियामकों को सौंप दिया है।
बच्चों के लिए खुराक तय करना होगा चुनौती
बच्चों को कोविड-19 की खुराक देने से पहले उसकी मात्रा तय करना कंपनियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती मानी जा रही है। फाइजर ने 12 साल या उससे बड़ी उम्र के बच्चों को 18 साल से ज्यादा के लोगों के बराबर ही खुराक दी थी, लेकिन अगले महीने शुरू होने जा रहे इससे भी कम उम्र वाले बच्चों पर परीक्षण में कंपनी विभिन्न प्रकार की खुराक का इस्तेमाल कर रही है।
दावा: 12 साल से बड़े बच्चों के लिए भी फाइजर की वैक्सीन कारगर
फाइजर ने बुधवार को दावा किया कि उसकी कोविड-19 वैक्सीन 12 साल से बड़ी उम्र के बच्चों के लिए भी पूरी तरह सुरक्षित और व्यस्कों की तरह ही कोराना वायरस महामारी का असर रोकने में कारगर है।
फाइजर ने 12 से 15 साल की उम्र वाले 2260 अमेरिकी वालंटियरों को कोविड-19 वैक्सीन देने के बाद सामने आए प्राथमिक डाटा के आधार पर यह दावा किया है।
फाइजर का यह दावा स्कूलों में बच्चों को वापस लौटाने की दिशा में बेहद अहम माना जा रहा है। फाइजर के सीईओ अर्ल्बअ बौरला ने कहा कि उनकी कंपनी जल्द ही 12 साल से बड़ी उम्र के बच्चों के लिए वैक्सीन उपयोग की आपातकालीन मंजूरी मांगने के लिए यूएसएफडीए और यूरोपीय नियामकों के पास आवेदन दाखिल करेगी।