नेपाल: सत्ताधारी गठबंधन की एकजुटता पर गहराया जा रहा है संशय
पांच साल पहले हुए स्थानीय चुनावों में नेपाली कांग्रेस ने पुष्प कमल दहल के नेतृत्व वाले माओइस्ट सेंटर के साथ गठबंधन किया था। माधव कुमार नेपाल के नेतृत्व वाली यूनिफाइड सोशलिस्ट का उस समय अलग वजूद नहीं था। 2017 में यूएमएल ने अकेले चुनाव लड़ा था। तब वह सबसे बड़ी पार्टी बन कर उभरी थी...
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नेपाल में नेपाली कांग्रेस के नेतृत्व वाला सत्ताधारी गठबंधन अगले स्थानीय चुनावों में एकजुट रहेगा या नहीं, इसे लेकर भ्रम लगातार गहरा रहा है। ये चर्चा जोर पकड़ गई है कि प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा की नेपाली कांग्रेस अपने सहयोगी दलों के साथ चुनावी गठबंधन करने जारी रखने के मूड में नहीं है। बल्कि वह गठबंधन का फैसला अपनी स्थानीय इकाइयों पर छोड़ देगी।
सत्ताधारी गठबंधन में नेपाली कांग्रेस समेत पांच दल हैं। असल मुद्दा इसमें शामिल दो कम्युनिस्ट पार्टियों- माओइस्ट सेंटर और यूनिफाइड सोशलिस्ट के साथ गठबंधन को लेकर है। दोनों कम्युनिस्ट पार्टियों का आकलन है कि अकेले चुनाव लड़ने पर उनकी संभावना बहुत कमजोर हो जाएगी। इसीलिए माओइस्ट सेंटर ने संकेत दिया है कि उसने प्रमुख विपक्षी दल- कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (यूएमएल) के साथ भी गठबंधन की गुंजाइश बना रखी है।
नेपाली कांग्रेस चुनावी गठबंधन के मूड में नहीं!
नेपाली कांग्रेस ने गठबंधन के बारे में फैसले को अगले शुक्रवार तक टाल दिया है। पार्टी के प्रवक्ता प्रकाश शरण महत ने यह जानकारी दी। उन्होंने रविवार को बताया- पार्टी की केंद्रीय कार्यसमिति की बैठक शुक्रवार को होगी, जिसमें ये तय किया जाएगा कि पार्टी चुनावी गठबंधन बनाए या नहीं। लेकिन महत की एक टिप्पणी से यह संकेत मिला कि नेपाली कांग्रेस चुनावी गठबंधन के मूड में नहीं है। उन्होंने कहा- ‘चुनावों में सभी पार्टियों का मकसद अधिक से अधिक सीटें जीतने का होता है। हमारी सीटें बढ़ें, इसके लिए जो भी जरूरी होगा, हम करेंगे।’
पांच साल पहले हुए स्थानीय चुनावों में नेपाली कांग्रेस ने पुष्प कमल दहल के नेतृत्व वाले माओइस्ट सेंटर के साथ गठबंधन किया था। माधव कुमार नेपाल के नेतृत्व वाली यूनिफाइड सोशलिस्ट का उस समय अलग वजूद नहीं था। 2017 में यूएमएल ने अकेले चुनाव लड़ा था। तब वह सबसे बड़ी पार्टी बन कर उभरी थी। यूएमएल अध्यक्ष पद के 171, उपाध्यक्ष पद के 194, मेयर पद के 123 और डिप्टी मेयर पद की 137 सीटें जीतने में सफल रही थी। इस बार भी यूएमएल को एक मजबूत दावेदार समझा जा रहा है।
मुश्किल यूनिफाइड सोशलिस्ट पार्टी के लिए
पर्यवेक्षकों के मुताबिक अगर नेपाली कांग्रेस ने बिना गठबंधन के स्थानीय चुनावों में उतरने का फैसला किया, तो सबसे बड़ी मुश्किल यूनिफाइड सोशलिस्ट पार्टी के लिए होगी। जमीन पर उसकी स्थिति बहुत कमजोर समझी जा रही है। माधव कुमार नेपाल ने रविवार को कहा- चूंकि प्रधानमंत्री ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि चुनावी गठबंधन जरूरी है, इसलिए हम नेपाली कांग्रेस के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। नेपाल ने पिछले अगस्त में यूएमएल छोड़ कर यूनिफाइड सोशिलस्ट पार्टी का गठन किया था। इसलिए यूएमएल के साथ उनकी पार्टी का गठबंधन होने की संभावना न के बराबर है।
लेकिन माओइस्ट सेंटर ने ये विकल्प खुला रखा है। रविवार को दहल ने कहा- ‘अगर नेपाली कांग्रेस के कुछ नेताओं ने सख्त रुख कायम रखा, तो हमें विकल्प की तलाश करनी होगी।’ हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि विकल्प का मतलब अनिवार्य रूप से यही नहीं है कि माओइस्ट सेंटर पार्टी यूएमएल से गठबंधन करेगी।
नेपाली कांग्रस में शेखर कोइराला खेमा कम्युनिस्टों से गठबंधन का जोरदार विरोध कर रहा है। उसका दावा है कि गठबंधन होने पर भी कम्युनिस्ट वोटर नेपाली कांग्रेस के उम्मीदवारों को वोट नहीं देंगे। इस तरह गठबंधन का फायदा सिर्फ कम्युनिस्टों को ही मिलेगा।