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'भारत एक उभरती शक्ति...': सीमा विवाद के बीच चीन का बयान, मॉस्को-दिल्ली के रिश्ते पर पुतिन के जोर पर कही ये बात

Tue, 04 Apr 2023 10:52 AM IST
हिमांशु मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु मिश्रा Updated Tue, 04 Apr 2023 10:52 AM IST
सार

रूस की नई विदेश नीति के बारे में पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए माओ ने कहा, 'चीन, रूस और भारत उल्लेखनीय प्रभाव वाले उभरते हुए प्रमुख देश हैं। अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर गहन और जटिल परिवर्तनों का सामना कर रहा हैं।' 

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Chinese spokesperson said - India emerging power of the world, we are ready to increase relations
भारत और चीन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भारत को लेकर चीन ने बड़ा बयान दिया है। मंगलवार को चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि भारत दुनिया की उभरती शक्ती है। यही नहीं, चीन ने नई दिल्ली के साथ संबंध बढ़ाने की बात भी कही। चीनी प्रवक्ता ने इस दौरान रूस से भी बेहतर और मजबूत संबंध बनाने का जिक्र किया। 
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रूस की नई विदेश नीति के बारे में पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए माओ ने कहा, 'चीन, रूस और भारत उल्लेखनीय प्रभाव वाले उभरते हुए प्रमुख देश हैं। अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर गहन और जटिल परिवर्तनों का सामना कर रहा हैं।' 
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भारत में चीनी दूतावास के प्रवक्ता वांग जिआओजियान ने इसको लेकर ट्वीट किया। उन्होंने लिखा, 'चीन, रूस और भारत अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ संचार और सच्चे बहुपक्षवाद का बचाव करने और संयुक्त रूप से वैश्विक चुनौतियों का जवाब देकर दुनिया को एक सकारात्मक संकेत दे सकते हैं।' 
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चीन ने और क्या कहा? 
चीनी विदेश विभाग के प्रवक्ता ने आगे कहा, 'चीन और रूस एक नए प्रकार के संबंधों को विकसित करने के लिए काम कर रहे हैं। जिसमें आपसी सम्मान, शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व और सहयोग शामिल है। ये द्विपक्षीय संबंध किसी तीसरे पक्ष को टारगेट करने के लिए नहीं है और न ही किसी अन्य देश को ये प्रभावित करता है।' 

राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने किया था रूस का दौरा
पिछले महीने, राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने रूस का दौरा किया था। इस दौरान दोनों ने द्विपक्षीय मसलों को लेकर कई अहम बिंदुओं पर समझौता किया था। जिनपिंग और पुतिन ने मिलकर दोनों देशों के संबंधों को लेकर खाका तैयार किया। वहीं, मंगलवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने नई विदेश नीति के मसौदे को मंजूरी दे दी। इसमें भारत-चीन के साथ रूस ने मजबूत संबंध बनाने की बात कही है। रूस ने कूटनीतिक तौर पर भारत के साथ अच्छे संबंध बनाने पर जोर दिया है। 

42 पन्नों के दस्तावेज में चीन और भारत के साथ संबंधों का अलग-अलग जिक्र किया गया है। इस विदेश नीति में यूरेशियन महाद्वीप पर स्थित शक्ति और विकास के अनुकूल संप्रभु वैश्विक केंद्रों के साथ संबंधों और समन्वय को गहरा करने के महत्व पर जोर दिया।


शीत युद्ध के दौरान रूस और भारत करीब रहे 
शीत युद्ध के दौरान भारत और रूस ने करीबी रणनीतिक, सैन्य, आर्थिक और कूटनीतिक संपर्क बनाए रखा। रूस और भारत दोनों ही इस गठबंधन को अद्वितीय और विशेषाधिकार प्राप्त बताते हैं। भारत और रूस के बीच रणनीतिक साझेदारी पांच मुख्य स्तंभों - राजनीति, रक्षा, असैन्य परमाणु ऊर्जा, आतंकवाद-रोधी सहयोग और स्पेस प्रोजेक्ट पर आधारित है। हाल ही में भारत और रूस ने अपने राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ मनाई है।
 
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