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Hindi News ›   World ›   Chinese President Jinping went to Tibet last week US MP warned this visit is a threat to India

चेतावनी: पिछले सप्ताह तिब्बत गए थे चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग, अमेरिकी सांसद ने कहा- यह दौरा भारत के लिए खतरा

Tue, 27 Jul 2021 10:56 AM IST
प्रियंका तिवारी पीटीआई, वाशिंगटन
पीटीआई, वाशिंगटन Published by: प्रियंका तिवारी Updated Tue, 27 Jul 2021 10:56 AM IST
सार

अमेरिका के एक सांसद का कहना है कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का तिब्बत दौरा भारत के लिए एक खतरा है।

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Chinese President Jinping went to Tibet last week US MP warned this visit is a threat to India
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग - फोटो : PTI

विस्तार

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का पिछले सप्ताह तिब्बत के दौरे पर जाने को लेकर अमेरिका के एक प्रभावशाली सांसद ने भारत को चेतावनी दी है। दरअसल, अमेरिकी सांसद का कहना है कि जिनपिंग का तिब्बत दौरा भारत के लिए एक खतरा है। बता दें, चीनी राष्ट्रपति ने अरुणाचल प्रदेश के पास स्थित न्यिंगची शहर का गत बुधवार को दौरा किया था। मालूम हो कि रणनीतिक रूप से यह तिब्बती सीमावर्ती शहर महत्वपूर्ण है। शी ने यहां शीर्ष सैन्य अधिकारियों से मुलाकात की थी और तिब्बत में विकास परियोजनाओं की समीक्षा की थी।

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रिपब्लिकन सांसद डेविड नुनेस ने फॉक्स न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में कहा, 'चीनी तानाशाह शी जिनपिंग ने पिछले सप्ताह भारत की सीमा के पास तिब्बत का दौरा करके अपनी जीत का दावा किया। मुझे लगता है कि पिछले 30 साल में यह पहली बार है, जब चीनी तानाशाह तिब्बत गए हों। यह एक अरब से अधिक की आबादी वाले और परमाणु शक्ति से संपन्न भारत के लिए एक खतरे की बात है। भारत के लिए यह खतरे की बात है कि वह एक बड़ी जल परियोजना विकसित करने वाले हैं, जिससे उसकी जल आपूर्ति बाधित हो सकती है।'
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यात्रा के दौरान शी ब्रह्मपुत्र नदी घाटी में पारिस्थितिक संरक्षण का निरीक्षण करने के लिए न्यांग रिवर ब्रिज गए थे, जिसे तिब्बती भाषा में ‘यारलुंग जंगबो’ कहा जाता है। न्यिंगची, तिब्बत में एक प्रांत स्तर का शहर है जो अरुणाचल प्रदेश की सीमा से सटा हुआ है। चीन, अरुणाचल प्रदेश को दक्षिण तिब्बत का हिस्सा बताता है, जिस दावे को भारत ने हमेशा दृढ़ता से खारिज किया है। भारत-चीन के बीच 3,488 किलोमीटर की वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर सीमा विवाद है।
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अमेरिकि सांसद ने कहा, 'वास्तविकता यह है कि चीन आगे बढ़ रहा है और (अमेरिका के राष्ट्रपति जो) बाइडन का प्रशासन उसे हर वह चीज करने दे रहा है, जो वह चाहता है।’ शी ने भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में पिछले साल मई से शुरू सैन्य गतिरोध के बीच यह दौरा किया।

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