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Hindi News ›   World ›   Chinese foreign minister Wang Yi says There have been problems as boundary between China and India

चीन ने शब्दों की चाशनी से बनाया बहाना... सीमांकन न होने से हमेशा बनी रहेगी समस्या

Wed, 02 Sep 2020 03:18 AM IST
संजीव कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग Published by: संजीव कुमार झा Updated Wed, 02 Sep 2020 03:18 AM IST
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Chinese foreign minister Wang Yi says There have been problems as boundary between China and India
Wang yi - फोटो : PTI

पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर बढ़े तनाव के बीच चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि भारत-चीन सीमा का अभी सीमांकन किया जाना बाकी है। ऐसे में वहां पर हमेशा समस्याएं बनी रहेंगी। दोनों देशों को अपने नेतृत्व के बीच कायम सहमति को लागू करना चाहिए और मतभेदों को विवादों में बढ़ने नहीं देना चाहिए। उन्होंने कहा, हम भारत के साथ सभी मुद्दों को बातचीत से निपटाने को तैयार हैं।

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भारत एवं जापान से चीन के संबंधों से जुड़े एक सवाल पर चीनी विदेशमंत्री ने पूर्वी लद्दाख में चीनी सेना की उकसावे की हालिया कार्रवाई का सीधा उल्लेख नहीं किया। उनकी यह टिप्पणी भारतीय सेना के इस बयान के घंटों बाद आया जिसमें कहा गया कि चीनी सेना ने पूर्वी लद्दाख में उकसावे की कार्रवाई करते हुए पैंगोंग झील के दक्षिणी छोर में एकतरफा तरीके से यथास्थिति में बदलाव की कोशिश की है। वांग ने कहा, चीन-भारत संबंध ने हाल में सभी पक्षों का ध्यान आकर्षित किया है।
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लड़ें नहीं डांस करें ड्रैगन और हाथी
वांग ने कहा, इन मुद्दों को द्विपक्षीय संबंधों में सही से रखना चाहिए। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई बार मुलाकात कर अहम सहमति बनाई है। उन्होंने कहा, ड्रैगन और हाथी के एक-दूसरे से लड़ने की बजाय ड्रैगन और हाथी को साथ में डांस करना चाहिए, एक और एक दो नहीं, 11 भी हो सकते हैं। वांग ने कहा कि दोनों देशों के नेताओं ने इस बात पर सहमति कायम की है कि द्विपक्षीय सहयोग की अहमियत मतभेदों से ज्यादा और विवादों से ज्यादा अहमियत आम हितों की है।
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भारत और चीन सीमा पर शांति की रक्षा के लिए ठोस उपाय करें
इससे पहले चीन के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को कहा, भारत और चीन को द्विपक्षीय संबंधों को बनाए रखने में सद्भावना होनी चाहिए और एलएसी पर शांति और सद्भाव कायम बनाए जाने के लिए ठोस उपाय करने चाहिए। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा, मुझे लगता है कि दोनों पक्षों को तथ्यों पर कायम रहना चाहिए।

उन्होंने दावा किया कि चीन ने न तो कभी किसी युद्ध या संघर्ष के लिए उकसाया नहीं और न ही कभी भी दूसरे देश के क्षेत्र में एक इंच भी कब्जा नहीं किया। चीनी सैनिकों ने कभी भी रेखा को पार नहीं किया। शायद आपसी संपर्क में कमी का मुद्दा है।

 
बौखलाए चीन ने कहा, भारत भ्रम में न रहे कि उसे अमेरिका से मिलेगी मदद
चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स के हवाले से कहा गया है कि चीन भारत को गंभीर सैन्य नुकसान पहुंचा सकता है। भारत किसी भ्रम में न रहे कि उसे इस मुद्दे पर अमेरिका से कोई मदद मिलेगी। अगर भारत अपनी सैन्य ताकत का प्रदर्शन करना चाहता है तो चीनी सेना 1962 की तुलना में भारतीय सेना को अधिक नुकसान पहुंचाने को बाध्य होगी। चीन भारत से कई गुना ज्यादा मजबूत है।

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