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सीपीईसी में काम करने वाले चीनी नागरिकों पर लगा पाकिस्तानी महिलाओं के अवैध व्यापार का आरोप
Thu, 18 Apr 2019 10:01 AM IST
Priyesh Mishra
वर्ल्ड डेस्क, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, इस्लामाबाद
Published by: Priyesh Mishra
Updated Thu, 18 Apr 2019 10:01 AM IST
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पाक के सदाबहार मित्र चीन के कर्मचारी सीपीईसी के बहाने पाकिस्तानी महिलाओं के अवैध व्यापार में लगे हुए हैं। एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर परियोजना में काम करने के वाले चीनी पुरुष, पाकिस्तानी महिलाओं का अवैध व्यापार कर रहे हैं।
इस रिपोर्ट के अनुसार, चीन के ये तस्कर पूरे पाकिस्तान में विवाह के बहाने आर्थिक रूप से पिछड़ी महिलाओं को फंसा रहे हैं। इसके लिए बकायदा सेंटर्स खोले गए हैं जहां महिलाओं को धन का लालच दिया जा रहा है। इन महिलाओं को चीन ले जाकर या तो वेश्यावृति में ढकेल दिया जाता है या तो इनके शरीर से अंगों को निकालकर बेंच दिया जाता है।
चीन-पाक आर्थिक गलियारे की परियोजना को 2013 में लागू किए जाने के बाद से पाकिस्तान जाने वाले चीनी नागरिकों की संख्या में काफी वृद्धि देखी गई है। आशंका जताई जा रही है कि 25 अप्रैल को होने वाले बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) शिखर सम्मेलन से पहले जारी यह रिपोर्ट दोनों पक्षों के लिए चिंता का सबब बन सकती है।
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भारत पहले ही बीआरआई में शामिल होने के आमत्रंण को नकार चुका है। कहा जा रहा है कि भूटान भी इस समिट में भाग नहीं लेगा। लेकिन भारत के अन्य पड़ोसी देश पाकिस्तान, नेपाल, श्रीलंका और बांग्लादेश इसमें शामिल होंगे।
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इस रिपोर्ट के अनुसार, चीन के ये तस्कर पूरे पाकिस्तान में विवाह के बहाने आर्थिक रूप से पिछड़ी महिलाओं को फंसा रहे हैं। इसके लिए बकायदा सेंटर्स खोले गए हैं जहां महिलाओं को धन का लालच दिया जा रहा है। इन महिलाओं को चीन ले जाकर या तो वेश्यावृति में ढकेल दिया जाता है या तो इनके शरीर से अंगों को निकालकर बेंच दिया जाता है।
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चीन-पाक आर्थिक गलियारे की परियोजना को 2013 में लागू किए जाने के बाद से पाकिस्तान जाने वाले चीनी नागरिकों की संख्या में काफी वृद्धि देखी गई है। आशंका जताई जा रही है कि 25 अप्रैल को होने वाले बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) शिखर सम्मेलन से पहले जारी यह रिपोर्ट दोनों पक्षों के लिए चिंता का सबब बन सकती है।
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भारत पहले ही बीआरआई में शामिल होने के आमत्रंण को नकार चुका है। कहा जा रहा है कि भूटान भी इस समिट में भाग नहीं लेगा। लेकिन भारत के अन्य पड़ोसी देश पाकिस्तान, नेपाल, श्रीलंका और बांग्लादेश इसमें शामिल होंगे।
चीनी दूतावास ने रिपोर्ट पर दी यह प्रतिक्रिया
CPEC
- फोटो : Reuters
इस्लामाबाद में स्थित चीनी दूतावास ने शनिवार को इन रिपोर्टों पर प्रतिक्रिया भी व्यक्त की। चीनी दूतावास ने एक बयान में कहा, "हम चीनी और पाकिस्तानी नागरिकों को सतर्क रहने और धोखा नहीं देने का विश्वास दिलाते हैं। हमें उम्मीद है कि जनता भ्रामक सूचनाओं पर विश्वास नहीं करती है और साथ मिलकर चीन-पाकिस्तान के मित्रता की रक्षा करती है।"
दूतावास ने कहा कि चीन इन अवैध केंद्रों पर नकेल कसने के लिए पाकिस्तानी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ सहयोग कर रहा है। चीनी और पाकिस्तानी युवा अवैध एजेंटों के शिकार हैं। जिसके एक दिन बाद एक शीर्ष पाकिस्तानी टेलीविजन चैनल ने लाहौर के एक तथाकथित सेंटर में कुछ स्थानीय महिलाओं के साथ चीनी पुरुषों की तस्वीरें दिखाईं।
इस चैनल ने कहा कि चीनी नागरिक स्थानीय विवाह प्रमाण पत्र या खुद को इस्लाम में परिवर्तित होने का प्रमाण पत्र को पाकिस्तान में नहीं बनवा सकते। किसी भी पाकिस्तानी महिला से शादी करने के लिए स्थानीय कानूनों के अनुसार इनमें से किसी एक प्रमाणपत्र का होना आवश्यक है।
महिलाओं ने बताया कि उनके परिवारों को प्रति महीने लगभग 300 डॉलर (20,800 रुपये) और पुरुष परिवार के सदस्यों के लिए चीनी वीजा मिलेगा।
दूतावास ने कहा कि चीन इन अवैध केंद्रों पर नकेल कसने के लिए पाकिस्तानी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ सहयोग कर रहा है। चीनी और पाकिस्तानी युवा अवैध एजेंटों के शिकार हैं। जिसके एक दिन बाद एक शीर्ष पाकिस्तानी टेलीविजन चैनल ने लाहौर के एक तथाकथित सेंटर में कुछ स्थानीय महिलाओं के साथ चीनी पुरुषों की तस्वीरें दिखाईं।
इस चैनल ने कहा कि चीनी नागरिक स्थानीय विवाह प्रमाण पत्र या खुद को इस्लाम में परिवर्तित होने का प्रमाण पत्र को पाकिस्तान में नहीं बनवा सकते। किसी भी पाकिस्तानी महिला से शादी करने के लिए स्थानीय कानूनों के अनुसार इनमें से किसी एक प्रमाणपत्र का होना आवश्यक है।
महिलाओं ने बताया कि उनके परिवारों को प्रति महीने लगभग 300 डॉलर (20,800 रुपये) और पुरुष परिवार के सदस्यों के लिए चीनी वीजा मिलेगा।