ठेका पाने के लिए जालसाजी: चीनी कंपनियां मुसीबत बनती जा रही हैं पाकिस्तान के लिए
पर्यवेक्षकों का कहना है कि ये मुद्दा एक बड़ी समस्या बनता जा रहा है। अगर एक साथ कई कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की गई, तो उसका नतीजा कई परियोजनाओं के लटक जाने के रूप में सामने आ सकता है। अभी ये जानकारी नहीं मिली है कि जिन कंपनियों पर चीनी कंपनी ने निशाना साधा है, वे किस देश की हैं...
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चीन की जिस कंपनी को पाकिस्तान के नेशनल ट्रांसमिशन एंड डिस्पैच कंपनी (एनटीडीसी) ने ब्लैकलिस्ट कर दिया था, उसकी एक मांग से इस सरकारी कंपनी के लिए नई चुनौती खड़ी हो गई है। एनटीडीसी ने फर्जी दस्तावेज जमा कराने के आरोप में चीनी कंपनी को काली सूची में डाला था। चीनी कंपनी पर आरोप है कि उसने कई परियोजनाओं का ठेका पाने के लिए जालसाजी करके तैयार किए गए दस्तावेज जमा कराए।
खुद पर कार्रवाई के बाद उस कंपनी ने एनटीडीसी को दिए अपने एक पत्र में दावा किया कि दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा कई दूसरी कंपनियों ने भी किया है। उसने कहा कि जो कार्रवाई उसके खिलाफ की गई है, वैसा ही कदम उन आरोपी कंपनियों के खिलाफ भी उठाया जाना चाहिए। इस बीच पाकिस्तान के अखबार द डॉन ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि इस चीनी कंपनी ने जो आरोप लगाए हैं, शुरुआती जांच में वे सही पाए गए हैं। पर्यवेक्षकों का कहना है कि अब एनटीडीसी के सामने उन कंपनियों के खिलाफ भी कार्रवाई करने के अलावा कोई और चारा नहीं है।
कार्रवाई को भेदभावपूर्ण बताया
अखबार डॉन के मुताबिक उससे एनटीडीसी के एक सूत्र ने कहा- ‘चीनी कंपनी को पिछले महीने ब्लैकलिस्टेड किया गया था। उस पर एक महीने के लिए कोई नया टेंडर भरने पर रोक लगा दी गई थी। उस कंपनी ने हाल में एनटीडीसी के महानिदेशक के सामने एक शिकायत दर्ज कराई। उसमें उसने दावा किया कि उसके खिलाफ कार्रवाई दुर्भावनापूर्ण है। चीनी कंपनी ने इस कार्रवाई को भेदभाव करने वाला बताया। उसी शिकायत पत्र में उसने दावा किया कि कई दूसरी कंपनियों के साथ एनटीडीसी के अधिकारियों ने पक्षपात किया है। उसने सवाल उठाया कि उन कंपनियों के खिलाफ भी उसके जैसी ही कार्रवाई क्यों नहीं हुई।’
अखबार के मुताबिक ये पत्र मिलने के बाद एनडीटीसी प्रबंधन ने चीनी कंपनी के दावों की जांच कराई। जांच कमेटी ने अब कहा है कि चीनी कंपनी के खिलाफ हुई कार्रवाई भेदभावपूर्ण थी। कमेटी ने पुष्टि की है कि कई दूसरी कंपनियों ने भी जाली दस्तावेज दिए। लेकिन एनटीडीसी के अधिकारियों ने उनके हक में पक्षपात किया।
ठप हो सकते हैं कई प्रोजेक्ट
एनटीडीसी पाकिस्तान सरकार के ऊर्जा मंत्रालय के तहत आने वाली कंपनी है। एनटीडीसी के महानिदेशक मंजूर अहमद ने कहा है कि जांच कमेटी की रिपोर्ट का वे अध्ययन करेंगे और उसके बाद जरूरी कार्रवाई की जाएगी। पर्यवेक्षकों का कहना है कि ये मुद्दा एक बड़ी समस्या बनता जा रहा है। अगर एक साथ कई कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की गई, तो उसका नतीजा कई परियोजनाओं के लटक जाने के रूप में सामने आ सकता है। अभी ये जानकारी नहीं मिली है कि जिन कंपनियों पर चीनी कंपनी ने निशाना साधा है, वे किस देश की हैं। लेकिन जानकारों ने अनुमान लगाया है कि उनमें कुछ दूसरी चीनी कंपनियां भी हो सकती हैं।
जानकारों के मुताबिक इस घटना ने एनटीडीसी के कामकाज को लेकर भी शक का माहौल बना दिया है। मीडिया में इसके अधिकारियों के भ्रष्टाचार में शामिल होने की चर्चा शुरू हो गई है। आशंका है कि इसकी आंच चीनी कंपनियों के जरिए देश में चल रही इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं पर पड़ सकती है।