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कसेगा शिकंजा: चीनी एप्स पर अमेरिका में लग सकता है प्रतिबंध
Sat, 19 Jun 2021 02:32 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, वाशिंगटन।
एजेंसी, वाशिंगटन।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 19 Jun 2021 02:32 AM IST
सार
- अमेरिकी डाटा सुरक्षा के मकसद से सख्त कदम उठा सकते हैं राष्ट्रपति बाइडन
- चीन के एप्स को अमेरिका में इस्तेमाल के लिए शर्तों पर बातचीत हो सकती है
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china apps
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
चीन के कई एप्स पर जिस तरह से अमेरिकियों के संवेदनशील डाटा की जासूसी के आरोप लगते रहे हैं उसे देखते हुए डाटा सुरक्षा के मकसद से राष्ट्रपति जो बाइडन सख्त कदम उठा सकते हैं।
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मामले से परिचित लोगों के मुताबिक, यदि अमेरिका को बाजार में बने रहने देना है तो चीनी एप्स पर सख्ती करने के लिए राष्ट्रपति एक कार्यकारी आदेश लाने के लिए भी विवश हो सकते हैं।
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इन सख्त मापदंडों का मकसद चीन-रूस जैसे विरोधियों को निजी और व्यावसायिक जानकारी तक पहुंच रोकना है। इसके लिए अमेरिकी वाणिज्य मंत्रालय कुछ स्मार्टफोन, टैबलेट और डेस्कटॉप कंप्यूटर सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन के बारे में जानकारी जुटाने के मकसद से समन जारी कर सकता है।
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मामले से परिचित लोगों के अनुसार, इसके बाद एजेंसी अमेरिका में उनके इस्तेमाल के लिए शर्तों पर बातचीत कर सकती है अथवा एप्स पर प्रतिबंध लगा सकती है। एक अधिकारी के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारियों ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा टिकटॉक पर लगाए गए प्रतिबंध आदेशों में भी कई चिंताओं को साझा किया।
इनमें खासतौर पर वह डर शामिल है जिसके तहत चीन अमेरिका के सरकारी कर्मचारियों के काम करने के स्थानों को ट्रैक कर उन्हें ब्लैकमेल करने के लिए निजी सूचनाओं का डोजियर बनाकर जासूसी कर सकता है।
ट्रंप की तुलना में चीनी एप्स पर होगी ज्यादा सख्ती
हालांकि राष्ट्रपति बाइडन द्वारा 9 जून के आदेश में किसी कंपनी का नाम नहीं है लेकिन यह पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रतिबंधों की तुलना में चीन के ज्यादा एप्स पर सख्ती कर सकता है। इन आदेशों को अदालत में चुनौती देना भी मुश्किल होगा। नए आदेशों मं अन्य देशों से समर्थन मांगना भी शामिल है। जबकि ट्रंप के आदेशों को अदालत में रोक दिया गया था। बाइडन ने इन आदेशों को पलट दिया है।
वाणिज्य मंत्री के बढ़ेंगे अधिकार
अमेरिकी वाणिज्य मंत्री जीना रायमोंडो तय करेंगी कि चीनी एप्स पर कार्रवाई के लिए किन एप को लक्षित करना है। चीनी एप्स को कुछ मानदंड पूरे करने के लिए भी कहा जाएगा जिनके तहत उनका स्वामित्व, नियंत्रण या प्रबंधन किसी ऐसे व्यक्ति अथवा संस्था द्वारा किया जाए जो चीन या रूस जैसे विरोधियों की सैन्य अथवा खुफिया गतिविधियों का समर्थ न करते हों। रायमोंडो के पास यह अधिकार भी होगा कि यदि कोई एप अमेरिका में खतरा पैदा करता है तो वे उसे प्रतिबंधित कर दें।
वीचैट, टिकटॉक की हो सकती है समीक्षा
एक सूत्र ने कहा कि वीचैट और टिकटॉक समेत चीन के आठ अन्य एप्स को लेकर बाइडन प्रशासन की टीम समीक्षा कर सकती है। इस समीक्षा में देखा जाएगा कि ये एप किस तरह से अमेरिकी लोगों के निजी डाटा की सुरक्षा में सेंध लगाते हैं। इस समीक्षा के बाद उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।