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पांचवें साल भी जन्म दर घटी: वर्ष 2021 में पांच लाख से भी कम बढ़ी चीन की आबादी, 1.41 अरब तक पहुंची
Mon, 17 Jan 2022 02:26 PM IST
सुरेंद्र जोशी
पीटीआई, बीजिंग
पीटीआई, बीजिंग
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Mon, 17 Jan 2022 02:26 PM IST
सार
आबादी में समुचित बढ़ोतरी नहीं होने से विश्व के सबसे ज्यादा आबादी वाले इस देश में जनसांख्यिकीय संकट व आर्थिक मंदी की आशंका गहराने लगी है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Agency (File Photo)
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विस्तार
लगातार पांचवें साल चीन की जन्म दर घट गई। वर्ष 2021 में चीन की आबादी में 5 लाख से कम की बढ़ोतरी हुई। इसके साथ ही बीते वर्ष के अंत तक चीन की आबादी बढ़कर 1.4126 अरब तक पहुंची।
हांगकांग स्थित साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने बताया कि 2021 में 1.62 करोड़ से ज्यादा बच्चों का जन्म हुआ। जबकि 2020 में 1.20 करोड़ बच्चे जन्मे थे। इस माह के आरंभ में चीन के तीसरे सबसे ज्यादा आबादी वाले राज्य हेनान के प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया था कि नवजात शिशुओं की संख्या 2020 में घटकर 9,20,000 हो गई। 2019 के मुकाबले इसमें 23.3 फीसदी की गिरावट आई। इसके साथ ही जन्म दर घटकर प्रति 1000 लोगों पर 9.24 हो गई।
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विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि चीन में एक जनसांख्यिकीय मोड़ आ सकता है, जिससे इसकी तेजी से बढ़ती आर्थिक वृद्धि को खतरा हो सकता है। ऐसी स्थिति में कामकाजी लोगों और आश्रित व्यक्तियों (पेंशन और अन्य लाभों से सेवानिवृत्त) के अनुपात पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है, जिससे अर्थव्यवस्था पर दबाव पड़ सकता है।
तीन बच्चा नीति को बढ़ावा
देश की जनसंख्या में अपेक्षा अनुरूप बढ़ोतरी नहीं होने और जन्म दर में गिरावट से निपटने के लिए चीन के प्रांतों ने तीन बच्चा नीति व कई अन्य उपाय करना शुरू कर दिए हैं। सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, बीजिंग, सिचुआन और जियांग्शी प्रांतों ने माता-पिता की छुट्टी, मातृत्व अवकाश, विवाह अवकाश और पितृत्व अवकाश जैसे सहायक उपाय शुरू किए हैं। शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, बीजिंग, सिचुआन और जियांग्शी प्रांतों ने युगलों को छुट्टी, मातृत्व अवकाश, विवाह अवकाश और पितृत्व अवकाश जैसे उपाय शुरू किए हैं।
चीन ने 2016 में सभी जोड़ों को दो बच्चे पैदा करने की अनुमति दी थी। इसके साथ ही दशकों पुरानी एक बच्चा नीति को खत्म कर दिया गया था। चीन में लंबे समय तक रही एक बच्चा नीति को ही नीति निर्माता वर्तमान जनसांख्यिकीय संकट के लिए दोषी मानते हैं। पिछले साल चीन ने एक संशोधित जनसंख्या और परिवार नियोजन कानून पारित किया था। इसमें चीनी जोड़ों को तीन बच्चे पैदा करने की अनुमति दी गई थी।
जनगणना के आंकड़ों से पता चलता है कि चीन का जनसांख्यिकीय संकट गहराने की आशंका है, क्योंकि देश में 60 साल से ऊपर की आबादी के लोगों की संख्या 18.7 फीसदी बढ़कर 2.64 करोड़ हो गई है।
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आबादी में समुचित बढ़ोतरी नहीं होने से विश्व के सबसे ज्यादा आबादी वाले इस देश में जनसांख्यिकीय संकट व आर्थिक मंदी की आशंका गहराने लगी है। चीन के राष्ट्रीय सांख्यिकीय ब्यूरो (NBS) के अनुसार 2021 के अंत तक चीन की आबादी 2020 की 1.40120 से मामूली बढ़कर 1.4126 हुई। इस तरह चीन की आबादी पिछले साल की तुलना में 2021 में मात्र 4,80,000 बढ़ी।
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हांगकांग स्थित साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने बताया कि 2021 में 1.62 करोड़ से ज्यादा बच्चों का जन्म हुआ। जबकि 2020 में 1.20 करोड़ बच्चे जन्मे थे। इस माह के आरंभ में चीन के तीसरे सबसे ज्यादा आबादी वाले राज्य हेनान के प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया था कि नवजात शिशुओं की संख्या 2020 में घटकर 9,20,000 हो गई। 2019 के मुकाबले इसमें 23.3 फीसदी की गिरावट आई। इसके साथ ही जन्म दर घटकर प्रति 1000 लोगों पर 9.24 हो गई।
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विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि चीन में एक जनसांख्यिकीय मोड़ आ सकता है, जिससे इसकी तेजी से बढ़ती आर्थिक वृद्धि को खतरा हो सकता है। ऐसी स्थिति में कामकाजी लोगों और आश्रित व्यक्तियों (पेंशन और अन्य लाभों से सेवानिवृत्त) के अनुपात पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है, जिससे अर्थव्यवस्था पर दबाव पड़ सकता है।
तीन बच्चा नीति को बढ़ावा
देश की जनसंख्या में अपेक्षा अनुरूप बढ़ोतरी नहीं होने और जन्म दर में गिरावट से निपटने के लिए चीन के प्रांतों ने तीन बच्चा नीति व कई अन्य उपाय करना शुरू कर दिए हैं। सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, बीजिंग, सिचुआन और जियांग्शी प्रांतों ने माता-पिता की छुट्टी, मातृत्व अवकाश, विवाह अवकाश और पितृत्व अवकाश जैसे सहायक उपाय शुरू किए हैं। शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, बीजिंग, सिचुआन और जियांग्शी प्रांतों ने युगलों को छुट्टी, मातृत्व अवकाश, विवाह अवकाश और पितृत्व अवकाश जैसे उपाय शुरू किए हैं।
चीन ने 2016 में सभी जोड़ों को दो बच्चे पैदा करने की अनुमति दी थी। इसके साथ ही दशकों पुरानी एक बच्चा नीति को खत्म कर दिया गया था। चीन में लंबे समय तक रही एक बच्चा नीति को ही नीति निर्माता वर्तमान जनसांख्यिकीय संकट के लिए दोषी मानते हैं। पिछले साल चीन ने एक संशोधित जनसंख्या और परिवार नियोजन कानून पारित किया था। इसमें चीनी जोड़ों को तीन बच्चे पैदा करने की अनुमति दी गई थी।
जनगणना के आंकड़ों से पता चलता है कि चीन का जनसांख्यिकीय संकट गहराने की आशंका है, क्योंकि देश में 60 साल से ऊपर की आबादी के लोगों की संख्या 18.7 फीसदी बढ़कर 2.64 करोड़ हो गई है।