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पुराने रुख से पलटा चीन, कहा नहीं कर रहा एनएसजी में भारत का विरोध
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
Updated Wed, 18 May 2016 05:52 AM IST
सार
- अपने पुराने रुख से पलटा चीन, कहा, भारत समेत समूह के सदस्य देशों के साथ मिलकर खोजेंगे मसले का हल
- चीन, भारत के साथ बेहतर संबंध रखना चाहता है
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- फोटो : india-china
विस्तार
परमाणु आपूर्ति समूह (एनएसजी) में भारत की सदस्यता का अब तक विरोध करते आ रहे चीन ने कहा है कि वह भारत की सदस्यता का विरोध नहीं कर रहा है। ड्रैगन ने कहा है कि वह समूह के 48 देशों समेत भारत के साथ मिलकर इस मसले का हल निकालना चाहता है।
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एनएसजी में भारत की सदस्यता का विरोध करने के सवाल पर चीन की उप विदेश मंत्री लियु जेनमिन ने कहा कि यह सच नहीं है। उन्होंने कहा कि समूह की सदस्यता का मुद्दा नया नहीं है और यह कई सालों से चला आ रहा है। जेनमिन ने कहा कि इस मुद्दे को सुलझाने के लिए एनपीटी सदस्यों के साथ विचार-विमर्श किया जाना चाहिए। हालांकि उन्होंने फिर कहा कि अप्रसार संधि (एनपीटी) पर हस्ताक्षर करने वाले देश ही एनएसजी के सदस्य होने चाहिए।
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इसके साथ ही उन्होंने कहा कि चीन, भारत के साथ बेहतर संबंध रखना चाहता है। इसलिए वह इस समस्या का समाधान भारत समेत एनएसजी सदस्य देशों के साथ मिलकर खोजना चाहता है। हाल ही में चीन ने दावा किया था कि उसके साथ ही एनएसजी के कई सदस्य भी यह मानते हैं कि भारत को एनएसजी का हिस्सा बनने के लिए एनपीटी पर हस्ताक्षर करना जरूरी है।
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