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दक्षिण चीन सागर में चीन दबंगई को तैयार, विवादित द्वीपों पर करेगा निर्माण
amarujala.com- presented by: रोहित कुमार पोरवाल
Updated Mon, 20 Mar 2017 09:15 PM IST
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दक्षिण चीन सागर
- फोटो : file photo
उत्तर कोरिया द्वारा परमाणु परीक्षण के मुद्दे पर बीजिंग ने भले ही आपसी मतभेद भुलाकर अमेरिका का समर्थन करने का फैसला किया हो, लेकिन दक्षिण चीन सागर के विवादित द्वीपों पर चीन बहुत जल्द निर्माण शुरू कर सकता है। इससे दो महाशक्तियों के बीच तनाव बढ़ेगा। अमेरिकी विदेशमंत्री उत्तर कोरिया के मुद्दे पर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से चर्चा के लिए इसी शनिवार को पहुंचने वाले हैं। इस दौरान यह मुद्दा दोनों नेताओं को असहज कर सकता है। भारत व दुनिया के लिए यह मार्ग अरबों डॉलर के माल की आवाजाही के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है।
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चीन ने दक्षिण चीन सागर के छोटे-छोटे द्वीप समूहों पर निर्माण शुरू करने की योजना बनाई है। इसके तहत वह सबसे पहले सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण स्काबरा शोआल इलाके के द्वीपों पर इसी साल एक प्रशासनिक बेस बनाने की योजना बना चुका है। इस बेस से दक्षिण चीन सागर के अन्य द्वीपों और समुद्री चट्टानों की सुरक्षा व निगरानी करने की चीन की योजना है। स्काबरा शोआल में इस योजना के अंतर्गत निगरानी केंद्र बनाए जाने हैं। अमेरिका ने पहले ही चेतावनी दी है कि चीन इस विवादित क्षेत्र में किसी तरह का निर्माण न कराए, लेकिन बीजिंग उसे अनसुना कर सकता है।
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चीन की धमकी: भारत नहीं रोक सकता ‘सिल्क रोड’ परियोजना
शी जिनपिंग
- फोटो : Getty
भारत समेत अमेरिका व दुनिया के बड़े देशों के लिए दक्षिण एशिया समुद्री क्षेत्र का यह मार्ग काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस रास्ते से जहाजों द्वारा प्रतिदिन अरबों डॉलर के माल की आवाजाही होती है। जबकि चीन द्वारा इस पर पूर्ण कब्जा करने के बाद वह माल की जासूसी के अलावा आवाजाही पर टैक्स भी लगा सकता है। अमेरिका के विदेशमंत्री रैक्स टिलरसन भी विवादित इलाके में चीन के निर्माण को अवैध ठहरा चुके हैं। उनका मानना है कि यहां से दुनिया के देशों में बेरोकटोक माल की आवाजाही होनी चाहिए।
चीन की वन बेल्ट, वन रोड परियोजना के तहत दक्षिण-पूर्वी एशिया और हिंद महासागर में समुद्र तट पर ‘सिल्क रोड’ बनाने की योजना है। पाक अधिकृत कश्मीर से होकर गुजरने वाली इस परियोजना का भारत पहले से ही विरोध करता रहा है। भारत के विरोध पर चीन के सरकारी मीडिया ने सोमवार को कहा कि इस योजना को दुनिया के कई देशों का समर्थन हासिल है इसलिए भारत इस पर कोई आपत्ति नहीं जता सकता है। चीन के सरकारी अखबार ‘ग्लोबल टाइम्स’ का यह रवैया संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा गत शुक्रवार को सिल्क रोड की प्रशंसा के बाद देखने को मिला है।
चीन की वन बेल्ट, वन रोड परियोजना के तहत दक्षिण-पूर्वी एशिया और हिंद महासागर में समुद्र तट पर ‘सिल्क रोड’ बनाने की योजना है। पाक अधिकृत कश्मीर से होकर गुजरने वाली इस परियोजना का भारत पहले से ही विरोध करता रहा है। भारत के विरोध पर चीन के सरकारी मीडिया ने सोमवार को कहा कि इस योजना को दुनिया के कई देशों का समर्थन हासिल है इसलिए भारत इस पर कोई आपत्ति नहीं जता सकता है। चीन के सरकारी अखबार ‘ग्लोबल टाइम्स’ का यह रवैया संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा गत शुक्रवार को सिल्क रोड की प्रशंसा के बाद देखने को मिला है।