तिब्बत में चीनी हुकूमत के विरोध में आत्मदाह करना होगा अपराध
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चीन ने तिब्बत में विरोध करने वाले प्रदर्शनकारियों पर शिकंजा कसने जा रहा है। उसने आत्मदाह करने को अपराध बनाने की योजना बनाई है। इसको अलगाववाद से संबंधित अपराधों में शामिल किया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि तिब्बत में चीनी हुकूमत के विरोध में आत्मदाह करने को अपराध के दायरे में लाने की योजना है। हालांकि उन्होंने इसका खंडन किया है कि बौद्ध भिक्षुओं को आत्मदाह से जुड़े कानून को पढ़ने के लिए बाध्य किया जा रहा है।
चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने अबा काउंटी के युनाइटेड फ्रंट वर्क डिपार्टमेंट के पूर्व प्रमुख के कियू निंग के हवाले से बताया, ‘आत्मदाह को अपराध बनाया जा सकता है।
125 से ज्यादा तिब्बती आत्मदाह कर चुके हैं
आत्मदाह न सिर्फ सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा बना हुआ है, बल्कि यह कानून का भी उल्लंघन करता है।’ बताया जा रहा है कि न्यायिक अधिकारी इस दिशा में काम भी कर रहे हैं।
अखबार ने बताया कि आत्मदाह को अलगाववाद के जुड़े अपराधों की श्रेणी में शामिल किया जाएगा। कियू ने कहा कि मोबाइल एप ‘वीचैट’ के जरिए विदेशी दुश्मन ताकतों को अलगाववाद से जुड़ी तस्वीरों और वीडियो को अवैध तरीके से भेजने के मामलों को भी अपराध बनाए जाने की संभावना है।
मालूम हो कि दलाई लामा की देश वापसी की मांग को लेकर पिछले कुछ सालों में तिब्बत में कई बौद्ध भिक्षु समेत 125 से ज्यादा तिब्बती आत्मदाह कर चुके हैं।