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SCO समिट: भारत ने चीन को अकेले दिया झटका, बीआरआई प्रोजेक्ट का किया विरोध
वर्ल्ड डेस्क, अमर, उजाला
Updated Sun, 10 Jun 2018 09:42 PM IST
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पीएम मोदी, शी जिनपिंग (फाइल फोटो)
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भारत आठ देशों से शंघाई सहयोग संगठन का एकमात्र देश है जिसने चीन की महत्वाकांक्षी बीआरआई पहल का विरोध किया।
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दो दिन के सम्मेलन के बाद जारी घोषणापत्र में मोदी समेत सभी सदस्य देशों के प्रमुखों के हस्ताक्षर तो हैं। लेकिन चीन की बेल्ट एंड रोड पहल को समर्थन दोहराने वाले देशों में सिर्फ रूस, पाकिस्तान, कजाखस्तान, उज्बेकिस्तान, किर्गिस्तान और ताजिकिस्तान का नाम है। भारत ने चीन को दूसरे देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने की नसीहत दी है।
बता दें कि बीआरआई अरबों डॉलर का प्रोजेक्ट है, जिसे 2013 में सत्ता में आने के बाद शी जिनपिंग ने शुरू किया था। बीआरआई में चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारा भी शामिल है, जो पाकिस्तान कब्जे वाले कश्मीर से होकर गुजरता है, इसलिए भारत को इस पर आपत्ति है।
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क्या है शंघाई सहयोग संगठन
एससीओ की स्थापना 2001 में हुई थी। इसका उद्देश्य सीमा विवादों का हल, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई, क्षेत्रीय सुरक्षा को बढ़ाना और मध्य एशिया में अमेरिका के बढ़ते प्रभाव को काउंटर करना है। इसके सदस्यों में चीन, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, रूस, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, भारत और पाकिस्तान हैं।
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