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गुजरात के सीएम रहते हुए भी हुबेई पहुंचे थे मोदी
एजेंसी, वुहान
Updated Sat, 28 Apr 2018 01:45 PM IST
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दो दिवसीय चीन यात्रा पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग से अनौपचारिक बातचीत के दौरान अपनी पिछली हुबेई यात्रा के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि जब वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब वह थ्री जॉर्ज बांध का अध्ययन करने हुबेई पहुंचे थे। उन्होंने कहा, ‘जिस तेजी से आपने इस बांध को बनाया, उसने मुझे प्रभावित किया था। इसलिए मैंने पूरी जानकारी जुटाने के लिए एक पूरा दिन बांध पर बिताया।’
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गौरतलब है कि यांगजी नदी पर बनी दुनिया की सबसे बड़ी पनबिजली परियोजना में पानी को कई तरह से नियंत्रित करने की प्रणाली है। यह बांध 2309 मीटर लंबा और 185 मीटर ऊंचा है। इसमें 32 पनबिजली टर्बो जेनरेटर हैं।
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दुनिया की बड़ी आबादी की है जिम्मेदारी
प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत में मोदी ने कहा कि दोनों देशों पर दुनिया की 40 फीसदी आबादी के लिए काम करने की जिम्मेदारी है। लिहाजा, हमारे पास अपने लोगों के साथ ही पूरी दुनिया की भलाई के लिए काम करने का मौका है। मोदी ने 2000 साल के इतिहास को याद करते हुए कहा कि भारत-चीन ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को गति और मजबूती दी है। करीब 1600 साल तक वैश्विक अर्थव्यवस्था में दोनों देशों की 50 फीसदी हिस्सेदारी रही। बाकी 50 फीसदी अर्थव्यवस्था में दुनिया के अन्य देशों की साझेदारी थी।
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मोदी के लिए दो बार बीजिंग से बाहर आए शी
मोदी ने जिनपिंग से कहा, ‘शायद मैं पहला भारतीय प्रधानमंत्री हूं, जिसके स्वागत के लिए आप दो बार बीजिंग से बाहर आए हैं। इस पर भारतीयों को गर्व होता है।’ इससे पहले बीजिंग से बाहर 2015 में जिनपिंग ने अपने गृहनगर शिआन में मोदी से मुलाकात की थी। मोदी ने कहा कि पिछले पांच साल में हमने काफी कुछ हासिल किया है। हम कई मौकों पर एक-दूसरे से मिले हैं। इस दौरान दोनों देशों ने अपने संबंधों और सहयोग को मजबूती दी है। हमने सकारात्मक प्रगति की है। दोनों देशों का क्षेत्र और विश्व में प्रभाव लगातार बढ़ रहा है।