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चीन ने अमेरिका को धमकाया, बर्दाश्त नहीं करेंगे साउथ चाइना सी में हस्तक्षेप

Wed, 20 Jul 2016 05:11 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला
टीम डिजिटल/अमर उजाला Updated Wed, 20 Jul 2016 05:11 PM IST
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military intervention in south china sea

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चीन ने अेमरिकी सेना को धमकाते हुए स्वर में कहा है कि अमरिकी नौसेना के दक्षिण चीन सागर में हस्तेक्षेप करने से विपरीत प्रभाव पड़ेगा। पश्चिमी देशों की आलोचनाओं के बावजूद चीन ने इस विवादित क्षेत्र में अपनी निर्मीण गतिविधियों को जारी रखा है। पश्चिम का मानना है चीन दक्षिण चीन सागर पर अपने दावे को मजबूत करने के लिए यहां निर्माण कार्य कर रहा है।

अंतररार्ष्ट्रीय ट्रिब्यूनल ने हाल ही में दक्षिण चीन सागर पर चीन के ज्यादा क्षेत्र पर अधिकार वाले दावे को खारिज कर दिया था। इस फैसले को हालांकि चीन ने मानने से इंकार कर दिया। इस फैसले के बाद मंगलवार को चीन और उनके अमेरिकी समकक्ष की पहली बार मीटिंग हुई।
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इस मीटिंग में चीन की लिबरेशम आर्मी के कमांडर वू शेंघली  ने अपने अमेरिकी समकक्ष एडमिरल जॉन रिचर्डसन से कहा,'अमेरिकी सेना के हस्तक्षेप से यहां विपरीत असर पड़ेगा।' हालांकि वू शेंघली ने इसके साथ ही कहा,'वर्तमान में कई नकारात्मक बातें हैं लेकिन चीन इसके बावजूद दक्षिणी चीन सागर के मसले को शांति से निपटाने का प्रयास हमेशा करता रहेगा।'

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चीन अमेरिका को चैलेंज कर सकता है

military intervention in south china sea


समीक्षकों का मानना है चीन अपने इस बयान से दक्षिण चीन सागर विवाद में शामिल फिलीपींस, वियतनाम और अन्य देशों को चेतावनी देना चाहता है कि चीन जब अमेरिका को चैलेंज कर सकता है, तो बाकी देशों से डरने का सवाल ही नहीं। 

वू शेंघली ने जोर देकर कहा कि,'इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कौन सा देश और व्यक्ति चीन पर दबाव डालता है। चीन अपनी निर्माण गतिविधियों को आगे बढ़ाता रहेगा। हम अपनी संप्रभुता से और दक्षिण चीन सागर में अपने हितों से कभी समझौता नहीं करेंगे।' 

वू शेंघली ने कहा,'दक्षिण चीन सागर में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए चीन और अमेरिका की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है। दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच सहयोग ही एक सही विकल्प है।' शेंघली ने आगे कहा,'रिचर्डसन की विजिट दोनों देशों के बीच बातचीत को मजबूत और भोरसे को बढ़ाने वाली रहेगी। इससे दोनों देशों के बीच संदेह को खत्म करने में मदद मिलेगी।'

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