फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   China ›   Mansarovar Yatra off till troops are withdrawn says china

चीन बोला, सिक्किम से सेना हटाओ तो शुरू होगी कैलाश मानसरोवर यात्रा

Wed, 28 Jun 2017 05:03 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 28 Jun 2017 05:03 AM IST
विज्ञापन
Mansarovar Yatra off till troops are withdrawn says china
- फोटो : अमर उजाला

सिक्किम में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर जारी तनातनी के बीच चीन ने दादागिरी दिखाते हुए कैलाश मानसरोवर यात्रा पर रोक लगा दी है। तीर्थयात्रियों के दो जत्थों को पहले ही लौटा चुके चीन ने यात्रा बहाल करने के लिए सिक्किम से सेना हटाने की शर्त रखी है। 

विज्ञापन


मंगलवार को चीन ने बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास के समक्ष भारतीय सैनिकों कीकथित घुसपैठ पर भी विरोध जताया। यह तनातनी ऐसे समय शुरू हुई है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका सहित तीन देशों की यात्रा पर हैं। सिक्किम सेक्टर में बीते दो हफ्तों में दोनों देशों की सेना के बीच धक्कामुक्की हुई है। चीनी सेना ने इसी क्षेत्र में भारत के दो बंकर भी नष्ट कर दिए थे।
विज्ञापन


विदेश मंत्रालय ने इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। बीते 24 जून को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने तीर्थयात्रियों के दल को वापस भेजे जाने के संबंध में पूछे जाने पर कहा था कि यात्रा को ले कर कुछ कठिनाईयां हैं। इस संबंध में चीन से बात हो रही है। इसके बाद नाथु ला दर्रा को चीन की ओर से बंद करने की खबरें आई। बताते हैं कि चीन ने सिक्किम से सेना हटाए जाने तक नाथु ला दर्रा को बंद रखने की बात कही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इससे पहले चीन ने नाथु ला दर्रा रूट से मानसरोवर यात्रा के लिए रवाना हुए पहले जत्थे को खराब मौसम का हवाला देते हुए वापस भेज दिया था। दूसरे दल को भी इसी बहाने के साथ वापस भेज दिया गया। भारत की योजना इस रूट से तीर्थयात्रियों के 6 जत्थे को भेजने की योजना थी।

मगर पहले दोनों जत्थों की वापसी के बाद इस यात्रा पर संशय के बादल मंडराने लगे हैं। इस मामले में भारत की ओर से विरोध दर्ज कराने के बावजूद स्थिति में बदलाव नहीं हुआ। इसी बीच सिक्किम सीमा पर पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के जवानों की घुसपैठ, भारतीय सैनिकों से झड़प और दो बंकरों को नष्ट किए जाने की खबरें सामने आई।

भारत-चीन के बीच ताजा तनातनी की शुरुआत तिब्बती अध्यात्मिक गुरू दलाई लामा के पूर्वोत्तर के दौरे पर शुरू हुई। चीन ने तब चेतावनी दी थी कि इस दौरे की कीमत भारत को द्विपक्षीय संबंधों में चुकानी पड़ेगी। हालांकि भारत ने चीन के विरोध को तवज्जो न देते हुए इसे दलाई लामा की धार्मिक यात्रा बताया था।

इसके विरोध में चीन ने पूर्वोत्तर के राज्यों के कई हिस्सों के नए नाम रख दिए थे। इसी तनातनी के बीच भारत ने चीन के ओबीओआर परियोजना पर विरोध दर्ज कराते हुए इससे संबंधित बैठक का बहिष्कार किया था। चीन पीएम मोदी की अमेरिका यात्रा को लेकर भी लगातार हमलावर है।

गृह मंत्रालय में अहम बैठक
चीन की ओर से बढ़ती घुसपैठ की घटनाओं से चिंतित गृह मंत्रालय ने मंगलवार को एक अहम बैठक बुलाई। गृह राज्य मंत्री किरेन रिजिजू की ओर से बुलाई गई इस बैठक में डीजीएमओ से जुड़े कई अधिकारी, आईटीबीपी के डीजी और सीमा से जुड़े कई अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

इस बैठक में चीन की ओर से बढ़ रही घुसपैठ की घटनाओं से निपटने की रणनीति बनी। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब सिक्किम सेक्टर में दोनों सेनाओं के बीच झड़प जारी है। बताते हैं कि चीन की ओर से बीते डेढ़ महीने में ही घुसपैठ की 120 घटनाओं को अंजाम दिया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news, Crime all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed