भारत के पाकिस्तानी सीमा सील करने के फैसले से बौखलाया चीन
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सितंबर 2018 तक सीमा सील करने के भारत के निर्णय को चीन ने तर्कहीन करार दिया है। चीनी मीडिया एक्सपर्ट का कहना है कि इससे न केवल शांति प्रयासों में बाधा आएगी और लोगों में नफरत फैलेगी बल्कि भारत-चीन के संबंधों में भी तनाव होगा। चीन के विशेषज्ञ मानते हैं कि 'उड़ी हमले में पाकिस्तान का हाथ नहीं है। फिर भी भारत ने सीमा सील करने का निर्णय लिया है जो निराधार है।'
आपको बता दें कि गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को कहा था कि दिसंबर 2018 तक 3,323 किमी लंबी सीमा को पूरी तरह से सील कर दिया जाएगा। शंघाई सोशल साइंसेज अकेडमी के इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल रिलेशन के स्कॉलर हू झियोंगे ने भारत के इस कदम की निंदा करते हुए कहा, भारत बहुत ही तर्कहीन निर्णय ले रहा है।
जबकि उड़ी हमले के पीछे पाकिस्तान के होने का कोई सबूत नहीं है।‘ उन्होंने कहा, ‘देश का निर्णय इसके शीत युद्ध वाली मनोदशा को दिखाता है और इससे भारत व पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में रह रहे लोगों के बीच नफरत पैदा होगी।’
सर्जिकल स्ट्राइक से बाद बौखलाया हुआ है पाक
आपको बता दें कि उड़ी हमले में भारत के 19 जवान शहीद हो गए। जवानों की शहादत का बदला लेने के लिए भारत ने 28-29 सितंबर की रात को LoC पार जाकर सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया था। भारतीय सेना के इस ऑपरेशन में कई आतंकी मारे गए व सेना ने आतंकियों के कई लॉन्च पैड भी नष्ट कर दिए।
सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से पाक बौखलाया हुआ है। लगातार नापाक हरकतें करने में लगा है। उड़ी हमले के बाद से पाक कई बार सीजफायर का उल्लंघन कर चुका है तो वहीं आतंकियों को भारत में घुसपैट कराने की भी कोशिश में रहता है।
आतंकियों गतिविधियों को रोकने के लिए रक्षामंत्री ने पाकिस्तान से लगी अपनी सीमा को सील करने का ऐलान किया। रक्षा मंत्री ने कहा है कि तय समय (सितंबर 2018) तक पूरी सीमा सील कर दी जाएगी। भारत के इस निर्णय के बाद से पाक सहित चीन भी बौखला गया है।