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इस वजह से चीन के इस गांव के हजारों लोगों ने समुद्र में बसाई बस्ती, कभी-कभी आते हैं जमीन पर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Updated Mon, 01 Oct 2018 10:21 AM IST
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चीन में समुद्र में तैरते टांका गांव
कश्मीर की झीलों में लोग बोट हाउस में छुट्टियां बिताने जाते हैं। लेकिन अगर कोई हमेशा के लिए इन बोट हाउस में रहने के लिए कह दे तो क्या होगा? लेकिन आपको जानकर हैरत होगी की चीन का एक गांव ऐसा है जहां लोगों ने पानी में ही अपना घर बना लिया है।
चीन में फुजियान प्रांत में निंगडे शहर में हजारों लोगों की एक बस्ती पानी में तैरती रहती है। टांका बस्ती दुनिया की इकलौता ऐसी रिहाइश है जो समुद्र पर बसी हुई है।
1300 साल पुरानी इस बस्ती में करीब दो हजार से ज्यादा घर नाव के ऊपर बने हुए हैं। जिसमें करीब साढ़े आठ हजार लोग रहते हैं।
मछलियां मारकर चलाते हैं जीविका
इस गांव में रहने वाले सभी लोग मछुआरे हैं। इन्हें टांका कहा जाता है। यह लोग समुद्र में मछलियां मारते हैं और इसी से अपनी रहगुजर करते हैं।
यहां रहने वाले लोगों ने पानी में तैरने वाले घरों के साथ ही बड़े-बड़े प्लेटफार्म भी लकड़ी से तैयार किए हैं। जहां उनके सामुदायिक कार्यक्रम होते हैं और बच्चे भी खेलते हैं।
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चीन में फुजियान प्रांत में निंगडे शहर में हजारों लोगों की एक बस्ती पानी में तैरती रहती है। टांका बस्ती दुनिया की इकलौता ऐसी रिहाइश है जो समुद्र पर बसी हुई है।
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1300 साल पुरानी इस बस्ती में करीब दो हजार से ज्यादा घर नाव के ऊपर बने हुए हैं। जिसमें करीब साढ़े आठ हजार लोग रहते हैं।
मछलियां मारकर चलाते हैं जीविका
इस गांव में रहने वाले सभी लोग मछुआरे हैं। इन्हें टांका कहा जाता है। यह लोग समुद्र में मछलियां मारते हैं और इसी से अपनी रहगुजर करते हैं।
यहां रहने वाले लोगों ने पानी में तैरने वाले घरों के साथ ही बड़े-बड़े प्लेटफार्म भी लकड़ी से तैयार किए हैं। जहां उनके सामुदायिक कार्यक्रम होते हैं और बच्चे भी खेलते हैं।
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700 ईस्वी में शासकों के उत्पीड़न से नाराज थे
यह मछुआरे 1300 साल पहले शासकों से परेशान होकर यहां आकर बस गए थे। तब से वे यहीं रह रहे हैं। 700 ईस्वी में शासकों के उत्पीड़न से नाराज थे।
चीन में 700 ईस्वी में तांग राजवंश का शासन था। टांका समूह के लोग वहां के शासकों के उत्पीड़न से नाराज थे। लगातार उत्पीड़न बढ़ने पर इन लोगों ने समुद्र में रहने का फैसला लिया।
इसके बाद उन्होंने समुद्र में अपनी नाव पर घर बनाए और रहने लगे। तब से ये लोग समुद्र में ही रह रहे हैं। तभी से इन्हें 'जिप्सीज ऑन द सी' कहा जाने लगा। इस जाति के लोग कभी-कभी ही जमीन पर आते हैं।
कम्युनिस्ट शासन के बाद समुद्र किनारे घर बनाने शुरू किए
चीन में कम्युनिस्ट शासन आने तक ये लोग समुद्र के किनारे नहीं आते थे। ना ही समुद्री किनारे बसे लोगों के साथ शादियां करते थे। वे बस्ती में नावों पर ही शादियां करते थे।
हाल के दिनों में स्थानीय सरकार से प्रोत्साहन मिलने पर इन लोगों ने समुद्र किनारे घर बनाने शुरू कर दिए हैं। लेकिन ज्यादातर लोग अपने परंपरागत तैरते हुए घरों में रहना पसंद कर रहे हैं।
चीन में 700 ईस्वी में तांग राजवंश का शासन था। टांका समूह के लोग वहां के शासकों के उत्पीड़न से नाराज थे। लगातार उत्पीड़न बढ़ने पर इन लोगों ने समुद्र में रहने का फैसला लिया।
इसके बाद उन्होंने समुद्र में अपनी नाव पर घर बनाए और रहने लगे। तब से ये लोग समुद्र में ही रह रहे हैं। तभी से इन्हें 'जिप्सीज ऑन द सी' कहा जाने लगा। इस जाति के लोग कभी-कभी ही जमीन पर आते हैं।
कम्युनिस्ट शासन के बाद समुद्र किनारे घर बनाने शुरू किए
चीन में कम्युनिस्ट शासन आने तक ये लोग समुद्र के किनारे नहीं आते थे। ना ही समुद्री किनारे बसे लोगों के साथ शादियां करते थे। वे बस्ती में नावों पर ही शादियां करते थे।
हाल के दिनों में स्थानीय सरकार से प्रोत्साहन मिलने पर इन लोगों ने समुद्र किनारे घर बनाने शुरू कर दिए हैं। लेकिन ज्यादातर लोग अपने परंपरागत तैरते हुए घरों में रहना पसंद कर रहे हैं।