पाक आर्थिक गलियारे पर बढ़े सुरक्षा खर्च से चीन की बढ़ी चिंता
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पीओके से होकर गुजरने वाले चीन-पाक आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) के निर्माण कार्य पर सुरक्षा को लेकर बढ़े खर्च से चीन की चिंता बढ़ गई है। चीन की सरकारी मीडिया ने मंगलवार को कहा कि 46 अरब डॉलर की यह महत्वाकांक्षी परियोजना दोनों देशों के लिए आसान नहीं होगी।
ग्लोबल टाइम्स में प्रकाशित लेख में कहा गया कि क्षेत्रीय जटिलता के कारण पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से होकर गुजरने वाली इस परियोजना के लिए सुरक्षा के लिहाज से खतरा बना हुआ है।
रिपोर्ट में बताया गया कि गलियारे पर काम कर रहे 7,036 चीनी नागरिकों की सुरक्षा के लिए पाकिस्तान को 14,503 सुरक्षा कर्मियों को तैनात करना पड़ा है।
इस क्षेत्र पर चीन फोकस नहीं करना चाहता
जबकि चीन इस क्षेत्र पर ज्यादा फोकस करना नहीं चाहता है। इस प्रोजेक्ट का भारत-चीन संबंधों पर भी असर हुआ है। जी20 सम्मेलन से इतर हांगझाउ में प्रधानमंत्री मोदी ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात में इस परियोजना पर चिंता जताई थी।
हालांकि लेख में इस प्रोजेक्ट को लेकर भारत का जिक्र नहीं किया गया। यह गलियारा चीन के शिंजियांग प्रांत को रेल, सड़क और पाइपलाइन के जरिए पाकिस्तान के दक्षिण पश्चिमी ग्वादर पोर्ट से जोड़ता है।
लेख में आगे कहा गया, ‘सीपीईसी’ को चीन-पाक आर्थिक सहयोग के एक प्रतीक के तौर पर देखा जा रहा है। ऐसा नहीं है कि चीन अपने सहयोग में कमी लाएगा लेकिन परियोजना को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने में सुरक्षा पर बढ़ा खर्च एक बड़ी समस्या पैदा कर रहा है।