फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   China ›   External Affairs Minister Sushma Swaraj visit Moscow

भारत ने चीन के समक्ष उठाया मसूद अजहर का मुद्दा

Mon, 18 Apr 2016 09:32 PM IST
एजेंसी / मॉस्को
एजेंसी / मॉस्को Updated Mon, 18 Apr 2016 09:32 PM IST
विज्ञापन
External Affairs Minister Sushma Swaraj visit Moscow
सुषमा - फोटो : pti

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख और पठानकोट आतंकी हमले के मास्टरमाइंड मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र में आतंकवादी घोषित कराने के भारतीय प्रयास को बाधित करने के चीन के कदम का मुद्दा अपने चीनी समकक्ष वांग यी के समक्ष पुरजोर तरीके से उठाया है। इस दौरान सुषमा स्वराज ने कहा कि द्विपक्षीय सहयोग आतंक से लड़ने की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है।

विज्ञापन


सुषमा ने रूस-भारत-चीन के विदेश मंत्रियों की त्रिपक्षीय बैठक से अलग वांग के साथ हुई द्विपक्षीय बैठक में यह मुद्दा उठाया। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि कि विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के साथ-साथ यह मुद्दा भी उठाया गया।
विज्ञापन


विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने बताया कि विदेश मंत्री ने मसूद अजहर पर प्रतिबंध का मसला उठाते हुए कहा कि दोनों ही देश आतंक से पीड़ित हैं, इसलिए दोनों के बीच इस चुनौती से निपटने के लिए सहयोग बना रहना चाहिए। उन्होंने बताया कि भारत और चीन के बीच इस मसले पर एक दूसरे के संपर्क में बने रहने पर सहमति बनी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


गौरतलब है कि इस माह की शुरुआत में चीन ने संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबंध समिति को अजहर को आतंकी घोषित करने से यह कहते हुए रोक दिया था कि यह मामला सुरक्षा परिषद की ‘अनिवार्यताओं को पूरा नहीं करता।’

यह पहली बार नहीं है, जब चीन ने पाकिस्तान आधारित आतंकी समूहों और नेताओं को संयुक्त राष्ट्र की ओर से प्रतिबंधित कराने के भारतीय प्रयास को रोका हो। संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2001 में जैश-ए-मोहम्मद को प्रतिबंधित कर दिया था लेकिन वर्ष 2008 के मुंबई हमलों के बाद अजहर पर प्रतिबंध लगवाने के भारत के प्रयास सफल नहीं हो सके, क्योंकि चीन ने स्पष्ट तौर पर पाकिस्तान के कहने पर ऐसा होने नहीं दिया था।

चीन के पास संयुक्त राष्ट्र में वीटो अधिकार है। पिछले साल जुलाई में, चीन ने भारत के उस कदम को भी रोक दिया था, जिसके तहत भारत ने मुंबई आतंकी हमले के मास्टर माइंड जकीउर रहमान लखवी की रिहाई के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र को कार्रवाई करने के लिए कहा था।

तब चीन ने कहा था कि उसका यह रुख ‘तथ्यों पर आधारित था और वास्तविकता एवं निष्पक्षता के अनुरूप था।’ इसके साथ ही बीजिंग ने एक बार फिर यह दावा किया था कि वह नयी दिल्ली के संपर्क में है।

भारत ने किया आगाह, आतंकवाद से निपटने के दोहरे मापदंड खतरनाक

External Affairs Minister Sushma Swaraj visit Moscow
सुषमा - फोटो : pti

 आतंकी नेटवर्क के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई की वकालत करते हुए भारत ने सोमवार को वैश्विक समुदाय को आगाह करते हुए कहा कि अगर आतंक के मामले में दोहरे मापदंड कायम रहे तो इसके खतरनाक परिणाम भुगतने होंगे।

रूस-भारत-चीन (आरआईसी) के विदेश मंत्रियों की बैठक को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि इस समूह को आतंकवाद से लड़ने के लिए दुनिया का नेतृत्व करना चाहिए।

सुषमा ने कहा कि भारत का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद इस वक्त सबसे बड़ा खतरा है। यूएन में एवं अन्य मोर्चों पर आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय समुदाय को साथ लाने के लिए आरआईसी देशों को आगे आना चाहिए।

उन्होंने कहा कि ‘हम इस मामले में असफल नहीं हो सकते। अगर हमने दोहरे मापदंड अपनाना बंद नहीं किया तो यह पूरे अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए खतरनाक होगा।’

सुषमा ने भारतीय छात्राओं की मौत का मुद्दा उठाया
सुषमा स्वराज ने सोमवार को रूसी विदेश मंत्री सग्रेई लवारोव से मुलाकात की। इस दौरान स्वराज ने महत्वपूर्ण द्विपक्षीय मुद्दों पर बातचीत के साथ ही दो भारतीय छात्रों और एक व्यवसायी की मौत का भी मामला भी उठाया।

विदेश मंत्री ने अपने रूसी समकक्ष से कहा कि मैं इस केस के जांच की स्थिति के बारे मेें जानना चाहती हूं। जांच के बाद दोषी को सजा जरूर मिलनी चाहिए। फरवरी में स्मोलेंस्क चिकित्सा अकादमी में लगी आग में दो भारतीय छात्राओं की मौत हो गई थी। वहीं पिछले महीने अज्ञात लोगों के हमले में एक कश्मीरी व्यवसायी की मौत हो गई थी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news, Crime all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed