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अमेरिकी समझौते पर चीन की चिंता, भारत ने कहा स्वतंत्र नीति में बदलाव नहीं
एजेंसी / बीजिंग
Updated Tue, 19 Apr 2016 08:10 AM IST
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रक्षा मंत्री मनोहर परिकर ने सोमवार को अपने चीनी समकक्ष जनरल चांग वानक्वान से बातचीत में कहा कि भारत चीन के साथ संबंधों को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है और गठजोड़ को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
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अमेरिका के साथ भारत के लॉजिस्टिक सपोर्ट एग्रीमेंट पर सहमति से जुड़ी चीन की चिंताओं पर उन्होंने कहा कि भारत की स्वतंत्र नीति है और भविष्य में वह देश हित में फैसले लेता रहेगा, इसमें कोई बदलाव नहीं होगा। रक्षा मंत्री अपनी पहली चीन यात्रा पर गए हैं।
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इससे पहले चीनी सेना के मुख्यालय पर पीएलए सैनिकों के एक दस्ते ने परिकर का गर्मजोशी से स्वागत किया। उनका स्वागत करते हुए चांग ने कहा, ‘उम्मीद है कि आपके दौरे से दोनों सेनाओं के परस्पर रणनीतिक विश्वास में बढ़ोतरी होगी।’
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चांग से मुलाकात के बाद परिकर ने सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के उपाध्यक्ष जनरल फैन चांगलोंग से बातचीत की। जनरल फैन 23 लाख के संख्या बल वाले सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के प्रमुख हैं।
घुसपैठ और रणनीतिक मसलों पर होगी चीन से चर्चा
इस यात्रा के दौरान परिकर चीन के प्रधानमंत्री ली केचियांग से भी मिलेंगे। इसके अलावा वह चेंगदू स्थित चीन के पश्चिमी कमान के सैन्य मुख्यालय भी जाएंगे। भारत से सटी चीन की पूरी सीमा इसी के अंतर्गत आती है।
उम्मीद है कि चीन के शीर्ष सैन्य अधिकारियों के साथ बातचीत में परिकर बार-बार होने वाली घुसपैठ, सीमा पर गश्ती के दौरान तनाव कम करने के समझौते को लागू करने और चीन-भारत की रणनीतिक चिंताओं पर चर्चा करेंगे।
उम्मीद है कि चीन के शीर्ष सैन्य अधिकारियों के साथ बातचीत में परिकर बार-बार होने वाली घुसपैठ, सीमा पर गश्ती के दौरान तनाव कम करने के समझौते को लागू करने और चीन-भारत की रणनीतिक चिंताओं पर चर्चा करेंगे।