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रॉकेट तकनीक का इस्तेमाल कर चीनी वैज्ञानिकों ने बनाया कृत्रिम हृदय
एजेंसी, बीजिंग
Updated Thu, 15 Mar 2018 10:17 PM IST
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चीन के वैज्ञानिकों ने रॉकेट तकनीक का उपयोग करते हुए एक कृत्रिम हृदय विकसित किया है। अभी तक केवल जानवरों पर ही इसका प्रयोग किया गया है।
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चीन के एकेडमी ऑफ लॉन्च व्हीकल टेक्नोलॉजी (सीएएलटी) और उत्तरी चाइना के तियानजिन में टेडा इंटरनेशनल कार्डियोवास्कुलर हॉस्पिटल द्वारा संयुक्त रूप से इस कृत्रिम हृदय को विकसित किया गया। सीएएलटी के पूर्व निदेशक ली हांग ने कहा कि जानवरों पर परीक्षण किए जाने के बाद कृत्रिम हृदय को जांच के लिए भेज दिया गया है। कृत्रिम हृदय, रॉकेट प्रणाली से चुंबकीय और तरल उत्तोलन का उपयोग करता है।
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‘एयरोस्पेस हर्ट’ नाम के इस कृत्रिम हृदय को 13 वीं पंचवर्षीय योजना (2016-20) के दौरान क्लिनिकल ट्रायल के लिए भेजे जाने की उम्मीद है। एक सैन्य विशेषज्ञ और टीवी कमेंटेटर सांग झोंगपिंग ने रिपोर्ट में कहा कि चुंबकीय और तरल पदार्थ उत्तोलन तकनीक कार्य कुशलता को बढ़ाने के लिए घर्षण को कम कर सकता है।
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इस तकनीक का इस्तेमाल करके खून को होने वाली क्षति को कम किए जाने के साथ ब्लड पंप को लंबे समय तक काम करने के लिए सक्षम बनाया जा सकता है। चीन में बनाया गया यह पहला कृत्रिम हृदय है। गौरतलब है कि 2013 में वैज्ञानिकों ने एक भेड़ में मानव का हृदय लगाया था, जो कि 120 दिनों तक जीवित रहा था।