{"_id":"5c2c7589bdec2257162fab6f","slug":"chinese-scientist-jiankui-gets-arrested-from-shenzhen-genetic-research","type":"story","status":"publish","title_hn":"चीन: जींस में बदलाव करने वाला वैज्ञानिक गिरफ्तार, गलत साबित हुआ यह दावा","category":{"title":"China","title_hn":"चीन","slug":"china"}}
चीन: जींस में बदलाव करने वाला वैज्ञानिक गिरफ्तार, गलत साबित हुआ यह दावा
Wed, 02 Jan 2019 02:08 PM IST
Shani Mishra
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: Shani Mishra
Updated Wed, 02 Jan 2019 02:08 PM IST
विज्ञापन
जियानकुई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नवंबर 2018 में जींस में बदलाव कर जुड़वां बच्चों को पैदा करने वाले वैज्ञानिक जियानकुई को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वैज्ञानिक ने दावा किया था कि जींस में बदलाव के बाद जन्में बच्चों कभी एचआईवी नहीं होगा। जांच में वैज्ञानिक के दावे गलत पाए गए जिसके बाद पुलिसिया कार्रवाई को अंजाम दिया गया। जियानकुई को उनके शहर शेनझान से गिरफ्तार किया गया है।
बदला सात दंपतियों का भ्रूण
वैज्ञानिक जियानकुई ने सात दंपतियों के बांझपन के उपचार के दौरान भ्रूणों को बदला था। इन्हीं में से एक महिला ने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया है। नवंबर में यूट्यूब पर वीडियो जारी करके जियानकुई ने डीएनए में बदलाव का दावा करके सनसनी मचा दी थी। जियानकुई चीन की साउथर्न यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी में प्रोफेसर है। यूनिवर्सिटी का कहना है कि वह इस विवादास्पद शोध से अंजान थी और किसी भी जांच को तैयार है। गिरफ्तारी से पहले जियानकुई के गायब होने की भी खबरें आई थी।
बता दें कि जींस में बदलाव करने की मंजूरी सिर्फ अमेरिका के प्रयोगशाला को है। पिछले साल अमेरिकी वैज्ञानिकों ने सूअर के बच्चों के जेनेटिक कोड में सफलता पूर्वक बदलाव का दावा किया था। इस शोध का उद्देश्य सूअर के बच्चे को वायरल संक्रमण से बचाना था।
विज्ञापन
विज्ञापन
बदला सात दंपतियों का भ्रूण
वैज्ञानिक जियानकुई ने सात दंपतियों के बांझपन के उपचार के दौरान भ्रूणों को बदला था। इन्हीं में से एक महिला ने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया है। नवंबर में यूट्यूब पर वीडियो जारी करके जियानकुई ने डीएनए में बदलाव का दावा करके सनसनी मचा दी थी। जियानकुई चीन की साउथर्न यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी में प्रोफेसर है। यूनिवर्सिटी का कहना है कि वह इस विवादास्पद शोध से अंजान थी और किसी भी जांच को तैयार है। गिरफ्तारी से पहले जियानकुई के गायब होने की भी खबरें आई थी।
विज्ञापन
बता दें कि जींस में बदलाव करने की मंजूरी सिर्फ अमेरिका के प्रयोगशाला को है। पिछले साल अमेरिकी वैज्ञानिकों ने सूअर के बच्चों के जेनेटिक कोड में सफलता पूर्वक बदलाव का दावा किया था। इस शोध का उद्देश्य सूअर के बच्चे को वायरल संक्रमण से बचाना था।
विज्ञापन