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चीन: जिनपिंग से मुलाकात के बाद नरम पड़ा तानाशाह किम जोंग, परमाणु प्रसार रोकने का लिया संकल्प
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Updated Wed, 28 Mar 2018 02:37 PM IST
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kim jong
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उत्तर कोरियाई तानाशाह किम जोंग-उन अपनी पत्नी री सोल जू के साथ चार दिवसीय चीन की यात्रा पर है। चीन की शिन्हुआ न्यूज एजेंसी के मुताबिक चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बीजिंग में उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग-उन के साथ वार्ता की है।
इस दौरान किम जोंग-उन ने कहा कि उत्तर कोरिया संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ बातचीत करने और दोनों देशों की एक शिखर बैठक के लिए तैयार है। मुलाकात के दौरान तानाशाह ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को उत्तर कोरिया आने का निमंत्रण भी दिया। जिसे शी जिनपिंग ने स्वीकर भी कर लिया है।
शिन्हुआ न्यूज एजेंसी के मुताबिक किम के चीन दौरे पर राष्ट्रपति शी और उनकी पत्नी पेंग लियुआन ने अपने मेहमान जोरदार स्वागत किया और किम के लिए बीजिंग के 'ग्रेट हॉल ऑफ पीपल' में 'शाही भोज' का आयोजन भी किया।
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बता दें कि ऐसा पहली बार है जब तानाशाह किम जोंग-उन सत्ता हासिल करने के बाद किसी देश के दौरे पर है। किम का यह दौरा रविवार को शुरू हुआ जो कि बुधवार तक चलेगा। बीजिंग में एक विशेष ट्रेन के आने और गेस्टहाउस में असामान्य रूप से भारी सुरक्षा बल के चलते माना जा रहा है कि दोनों देशों में कुछ गोपनीय मसलों पर चर्चा हुई है।
चूंकि दोनों देश एक-दूसरे के मित्र देश हैं और चीन-उत्तर कोरियाई सीमा पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती देखी गई इसलिए विशेषज्ञ मान रहे हैं कि रविवार व सोमवार को उत्तर कोरियाई नेता बीजिंग में मौजूद थे। मीडिया ने भी इस आशय की जानकारी दी है। हालांकि चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुंयिंग ने उसे इन खबरों के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
उत्तर कोरियाई दूतावासों के अधिकारी भी इस यात्रा को लेकर कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। लेकिन मंगलवार की दोपहर को मोटरसाइकल एस्कॉर्ट का एक काफिला बीजिंग के मुख्य रेलवे स्टेशन की दिशा में जाता पाया गया।
माना जा रहा है कि इस ट्रेन में उत्तर कोरियाई नेता के खास प्रतिनिधि भी अपने नेता का एजेंडा लेकर बीजिंग यात्रा पर आ सकते हैं। जो भी हो लेकिन यह यात्रा बेहद छोटी रही। इस बीच उत्तर कोरिया और बीजिंग के बीच यात्रा के दौरान कई प्रतिबंध भी लगाए गए। जापान की एनटीवी ने बताया कि हरी और पीले रंग रंग की ट्रेनें एक साथ देखी गईं जो किम के पिता की चीन यात्रा के समय चलाई जाती थीं।
हमेशा से गोपनीय रही है उ. कोरियाई नेताओं की चीन यात्रा
इतिहास पर गौर करें तो उत्तर कोरियाई नेता की चीन और अपने पड़ोसी देशों की यात्रा हमेशा गोपनीय रही है। किम के दिवंगत पिता किम जोंग-इल गुपचुप तरीके से चीन की यात्रा करते थे। चीन लंबे समय से उत्तर कोरिया का सहयोगी रहा है लेकिन चीन द्वारा संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों को लागू करने के बाद से दोनों देशों के रिश्तों में तनाव पैदा हो गया है। अमेरिका के दबाव के बाद चीन ने उत्तर कोरिया को तेल और कोयला जैसी जरूरी चीजों की आपूर्ति रोक दी थी।
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इस दौरान किम जोंग-उन ने कहा कि उत्तर कोरिया संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ बातचीत करने और दोनों देशों की एक शिखर बैठक के लिए तैयार है। मुलाकात के दौरान तानाशाह ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को उत्तर कोरिया आने का निमंत्रण भी दिया। जिसे शी जिनपिंग ने स्वीकर भी कर लिया है।
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शिन्हुआ न्यूज एजेंसी के मुताबिक किम के चीन दौरे पर राष्ट्रपति शी और उनकी पत्नी पेंग लियुआन ने अपने मेहमान जोरदार स्वागत किया और किम के लिए बीजिंग के 'ग्रेट हॉल ऑफ पीपल' में 'शाही भोज' का आयोजन भी किया।
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बता दें कि ऐसा पहली बार है जब तानाशाह किम जोंग-उन सत्ता हासिल करने के बाद किसी देश के दौरे पर है। किम का यह दौरा रविवार को शुरू हुआ जो कि बुधवार तक चलेगा। बीजिंग में एक विशेष ट्रेन के आने और गेस्टहाउस में असामान्य रूप से भारी सुरक्षा बल के चलते माना जा रहा है कि दोनों देशों में कुछ गोपनीय मसलों पर चर्चा हुई है।
चूंकि दोनों देश एक-दूसरे के मित्र देश हैं और चीन-उत्तर कोरियाई सीमा पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती देखी गई इसलिए विशेषज्ञ मान रहे हैं कि रविवार व सोमवार को उत्तर कोरियाई नेता बीजिंग में मौजूद थे। मीडिया ने भी इस आशय की जानकारी दी है। हालांकि चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुंयिंग ने उसे इन खबरों के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
उत्तर कोरियाई दूतावासों के अधिकारी भी इस यात्रा को लेकर कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। लेकिन मंगलवार की दोपहर को मोटरसाइकल एस्कॉर्ट का एक काफिला बीजिंग के मुख्य रेलवे स्टेशन की दिशा में जाता पाया गया।
माना जा रहा है कि इस ट्रेन में उत्तर कोरियाई नेता के खास प्रतिनिधि भी अपने नेता का एजेंडा लेकर बीजिंग यात्रा पर आ सकते हैं। जो भी हो लेकिन यह यात्रा बेहद छोटी रही। इस बीच उत्तर कोरिया और बीजिंग के बीच यात्रा के दौरान कई प्रतिबंध भी लगाए गए। जापान की एनटीवी ने बताया कि हरी और पीले रंग रंग की ट्रेनें एक साथ देखी गईं जो किम के पिता की चीन यात्रा के समय चलाई जाती थीं।
हमेशा से गोपनीय रही है उ. कोरियाई नेताओं की चीन यात्रा
इतिहास पर गौर करें तो उत्तर कोरियाई नेता की चीन और अपने पड़ोसी देशों की यात्रा हमेशा गोपनीय रही है। किम के दिवंगत पिता किम जोंग-इल गुपचुप तरीके से चीन की यात्रा करते थे। चीन लंबे समय से उत्तर कोरिया का सहयोगी रहा है लेकिन चीन द्वारा संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों को लागू करने के बाद से दोनों देशों के रिश्तों में तनाव पैदा हो गया है। अमेरिका के दबाव के बाद चीन ने उत्तर कोरिया को तेल और कोयला जैसी जरूरी चीजों की आपूर्ति रोक दी थी।