फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   China ›   chinese media says, can't change indian mentality on OBOR

चीनी मीडिया का तंज, OBOR पर नहीं बदल सकते भारत की मानसिकता

Thu, 28 Dec 2017 04:07 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 28 Dec 2017 04:07 AM IST
विज्ञापन
chinese media says, can't change indian mentality on OBOR

चीन की महत्वाकांक्षी वन बेल्ट वन रोड परियोजना को लेकर भारत की लगातार आपत्ति पर चीनी मीडिया ने भड़ास निकालनी शुरू कर दी है। ओबीओआर पर भारत के रुख पर चीनी मीडिया ने तंज कसते हुए कहा है कि इस मुद्दे पर भारत की मानसिकता नहीं बदली जा सकती। 

विज्ञापन


ग्लोबल टाइम्स में छपी एक आर्टिकल में कहा गया है, साल 2017 भारत चीन संबंधों के लिए सबसे खराब रहा, लेकिन आगे दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध ऊपर और ऊपर हो सकते हैं अगर परस्पर संवाद और विश्वास बना रहे। 
विज्ञापन


अखबार के लेख में दावा किया गया है कि बीजिंग और नई दिल्‍ली के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नुकसान पहुंचाने वाले तीन विवाद हैं, पहला सीमा विवाद, दूसरा तिब्बत मामला और तीसरा चीन पाक संबंधों को लेकर भारत का पागलपन।
विज्ञापन
विज्ञापन


लेख के अनुसार इस बात की संभावना भी नहीं है कि निकट भविष्य में इन तीनों मुद्दों का ही कोई समाधान निकाला जा सके। ऐसे में भारत चीन के संबंधों को गति देने का नियंत्रण और प्रबंधन ही एकमात्र तरीका है। अखबार में दावा किया गया है कि जिस तरह ओबीआर के मुद्दे पर भारत की मानसिकता बनी हुई है उसे जल्दी से बदला नहीं जा सकता।

चीन की OBOR योजना का विरोध करता रहा है भारत

chinese media says, can't change indian mentality on OBOR
बता दें कि हाल ही में भारत की आपत्ति के बावजूद चीन ने पाकिस्तान के साथ ही भारत के विश्वस्त सहयोगी अफगानिस्तान को ओबीओआर से जोड़ने का प्रयास शुरू कर दिया है।

जबकि भारत शुरू से ही ओबीओआर को अपनी संप्रभुत्ता के लिए खतरा बताते हुए इसका विरोध करता रहा है। जबकि चीन भारत के विरोध को दरकिनार कर लगातार उसके पडोसियों को इस योजना से जोड़ता जा रहा है।

विशेषज्ञों की मानें तो चीन ओबीओआर के बहाने एक तरह से भारत के चारों ओर अपना जाल फैलाता जा रहा है। जिसका नुकसान भविष्य में भारत को उठना पड़ सकता है।

 

चीन की इस मंशा को भारत भी अच्छी तरह समझता है इसीलिए वह खुलकर चीन की इस योजना का विरोध करता रहा है। भारत का यही विरोध चीनी मीडिया को रास नहीं आता और वो इस पर निशाना साधती रहती है। 
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news, Crime all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed