चीनी मीडिया का तंज, OBOR पर नहीं बदल सकते भारत की मानसिकता
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चीन की महत्वाकांक्षी वन बेल्ट वन रोड परियोजना को लेकर भारत की लगातार आपत्ति पर चीनी मीडिया ने भड़ास निकालनी शुरू कर दी है। ओबीओआर पर भारत के रुख पर चीनी मीडिया ने तंज कसते हुए कहा है कि इस मुद्दे पर भारत की मानसिकता नहीं बदली जा सकती।
ग्लोबल टाइम्स में छपी एक आर्टिकल में कहा गया है, साल 2017 भारत चीन संबंधों के लिए सबसे खराब रहा, लेकिन आगे दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध ऊपर और ऊपर हो सकते हैं अगर परस्पर संवाद और विश्वास बना रहे।
अखबार के लेख में दावा किया गया है कि बीजिंग और नई दिल्ली के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नुकसान पहुंचाने वाले तीन विवाद हैं, पहला सीमा विवाद, दूसरा तिब्बत मामला और तीसरा चीन पाक संबंधों को लेकर भारत का पागलपन।
लेख के अनुसार इस बात की संभावना भी नहीं है कि निकट भविष्य में इन तीनों मुद्दों का ही कोई समाधान निकाला जा सके। ऐसे में भारत चीन के संबंधों को गति देने का नियंत्रण और प्रबंधन ही एकमात्र तरीका है। अखबार में दावा किया गया है कि जिस तरह ओबीआर के मुद्दे पर भारत की मानसिकता बनी हुई है उसे जल्दी से बदला नहीं जा सकता।
चीन की OBOR योजना का विरोध करता रहा है भारत
जबकि भारत शुरू से ही ओबीओआर को अपनी संप्रभुत्ता के लिए खतरा बताते हुए इसका विरोध करता रहा है। जबकि चीन भारत के विरोध को दरकिनार कर लगातार उसके पडोसियों को इस योजना से जोड़ता जा रहा है।
विशेषज्ञों की मानें तो चीन ओबीओआर के बहाने एक तरह से भारत के चारों ओर अपना जाल फैलाता जा रहा है। जिसका नुकसान भविष्य में भारत को उठना पड़ सकता है।
चीन की इस मंशा को भारत भी अच्छी तरह समझता है इसीलिए वह खुलकर चीन की इस योजना का विरोध करता रहा है। भारत का यही विरोध चीनी मीडिया को रास नहीं आता और वो इस पर निशाना साधती रहती है।