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चीन ने फिर गाया पुराना राग, कहा-बॉर्डर से सेना हटाए भारत, तभी होगी बातचीत
amarujala.com- Presented By- मोहित
Updated Tue, 25 Jul 2017 05:40 PM IST
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भारत और चीन के बीच गतिरोध चरम पर है। सीमा पर जारी तनातनी के बीच चीन लगातार भारत को अपनी ताकत दिखाने और युद्ध की धमकी दे रहा है। इसी कड़ी में आज चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने भी भारत को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि सीमा पर पीछे हटे बिना दोनों देशों के बीच किसी तरह की बातचीत संभव नहीं है।
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मंत्रालय के प्रवक्ता ने धमकी वाले अंदाज में कहा कि हम अपनी सीमाओं की रक्षा करना अच्छी तरह जानते हैं और जल्द ही भारत को इसका एहसास हो जाएगा। खास बात ये है कि चीन का ये बयान भारतीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की बिजिंग यात्रा से कुछ दिन पहले आया है, जिसमें वह सीमा पर जारी विवाद को हल करने के लिए अपने चीनी समकक्ष से बातचीत करेंगे।
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चीन के विदेश मंत्री वांग ने सीमा पर तैनात भारतीय सेना को पीछे हटने के लिए कहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि 'भारतीय अधिकारियों ने यह माना है कि चीनी सेना ने भारतीय सीमा पर घुसपैठ नहीं की है, जिसका साफ मतलब है कि भारतीय सैनिकों ने चीन सीमा पर अतिक्रमण किया है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने साफ कर दिया कि चीनी सीमा से भारतीय सैनिकों की वापसी सार्थक द्विपक्षीय बातचीत की पहली शर्त है।
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हम भारत से अपनी सेना को तुरंत वापस बुलाने की मांग करते हैं, इसके बिना किसी भी तरह की बातचीत बेनतीजा है। प्रवक्ता ने साफ कर दिया कि पूरे इलाके की शांति और स्थिरता भारत पर ही निर्भर है।
चीनी अखबार का दावा- क्षेत्र की स्थिरता भारत के रवैये पर निर्भर
बता दें कि सीमा पर भारतीय सैनिकों की मजबूत पैरवी से बौखलाया चीन लगातार भड़काऊ बयान दे रहा है। उसकी मंशा किसी भी तरह भारत को विचलित करके दुनिया में यह संदेश देने की है कि भारत ही उसकी सीमा पर अतिक्रमण कर रहा है।
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के इस बयान से पहले ही चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने डोकलाम विवाद के लिए भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहाकार(NSA) अजीत डोभाल को जिम्मेदार ठहराया दिया था। अखबार के संपादकीय में कहा गया कि डोकलाम विवाद में अजीत डोभाल की साजिश है।
द ग्लोबल टाइम्स' ने यह भी कहा कि डोभाल की बीजिंग यात्रा भारत की इच्छा से विवाद का निपटारा करने का निश्चित मौका नहीं है। बता दें कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक के लिए NSA अजीत डोभाल 27 और 28 जुलाई को बीजिंग में होंगे।
द ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक दोनों देशों के बीच बातचीत का एकमात्र आधार भारतीय सेना की चीनी क्षेत्र से वापसी है। अखबार में यह भी कहा गया कि बीजिंग को दिल्ली के साथ सांमजस्य बैठाने और सड़क निर्माण को रोकने में कोई परहेज नहीं है।
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के इस बयान से पहले ही चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने डोकलाम विवाद के लिए भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहाकार(NSA) अजीत डोभाल को जिम्मेदार ठहराया दिया था। अखबार के संपादकीय में कहा गया कि डोकलाम विवाद में अजीत डोभाल की साजिश है।
द ग्लोबल टाइम्स' ने यह भी कहा कि डोभाल की बीजिंग यात्रा भारत की इच्छा से विवाद का निपटारा करने का निश्चित मौका नहीं है। बता दें कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक के लिए NSA अजीत डोभाल 27 और 28 जुलाई को बीजिंग में होंगे।
द ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक दोनों देशों के बीच बातचीत का एकमात्र आधार भारतीय सेना की चीनी क्षेत्र से वापसी है। अखबार में यह भी कहा गया कि बीजिंग को दिल्ली के साथ सांमजस्य बैठाने और सड़क निर्माण को रोकने में कोई परहेज नहीं है।