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'डोकलाम ही नहीं तिब्बत और दूसरे बॉर्डर एरिया में भी रोड बनाएगा चीन'
amarujala.com- Presented by: अभिषेक मिश्रा
Updated Sun, 03 Sep 2017 09:58 AM IST
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डोकलाम विवाद
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करीब ढाई महीने तक तनातनी के बाद भारत और चीन दोनों ही देशों ने डोकलाम से पांव पीछे खींच लिए हैं। चीनी एक्सपर्ट विक्टर गाव का कहना है कि भारत को चीनी रोड निर्माण कार्यों के लिए तैयारी रहना चाहिए। चीन केवल डोकलाम में ही नहीं बल्कि तिब्बत और शिंजियांग जैसे बॉर्डर एरिया में भी रोड बनाने को तैयार बैठा है।
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इंडिया टुडे की खबर के मुताबिक विक्टर ने कहा कि डोकलाम में रोड निर्माण चीन के अधिकार क्षेत्र में था, जिसे बीजिंग ने 72 दिनों के स्टैंड ऑफ के बाद 28 अगस्त को रद्द कर दिया। विक्टर ने कहा कि भारत को यह बात मान लेनी चाहिए कि रोड और हाईवे प्रोजेक्ट्स पर चीन पिछले कई दशक से बेहतरीन काम कर रहा है।
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उन्होंने कहा कि डोकलाम में अगर चीन अपनी सीमा में रोड निर्माण कर रहा था, जैसा कि चीनी सरकार ने दावा किया था, तो किसी भी देश को इस निर्माण में दखल देने का कोई अधिकार नहीं है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि चीन युद्ध नहीं चाहता है।
दोनों देशों ने ब्रिक्स सम्मेलन से पहले इस विवाद को सुलझा लिया है। गौरतलब है कि चीन के शियामेन शहर में रविवार से 9वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शुरू हो रहा है। चीन इस सम्मेलन में खुद को 21वीं सदी के वैश्विक परिदृश्य के सबसे मजबूत स्तंभ के रूप में पेश करने की तैयारी में है।
इस शिखर सम्मेलन में पूरी दुनिया की नजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात पर होगी। दोनों के बीच सोमवार को बैठक होने की संभावना है। दोनों शीर्ष नेता विश्वास बहाली के उपायों पर चर्चा करेंगे। खासकर दोनों देशों के बीच डोकलाम सीमा विवाद के मद्देनजर यह बहुत जरूरी हो गया है।