ये हैं चीन के वो अरबपति जिनको हुआ अरबों का नुकसान!
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चीन के स्टॉक मार्केट में आई जबरदस्त मंदी के कारण वहां के अरबपतियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। इसके अलावा छोटे बड़े निवेशकों पर भी इसका जोरदार असर पड़ा है। चीन में आई मंदी के कारण उसे 17 दिनों में 2 ट्रिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है जोकि जर्मनी के पूरे स्टॉकों से ज्यादा है।
चीन के शेयर बाजारों में आई भारी गिरावट का सीधा असर वहां के अरबपतियों पर साफ दिखाई दे रहा है। चीन के स्टॉक मार्केट में पिछले तीन हफ्तों में आई गिरावट के कारण ऐसे अरबपतियों का नुकसान उठाना पड़ा जिन्होंने 12 जून के पहले रिकॉर्ड कमाई की थी। फोर्ब्स ने वास्तविक समय में ऐसे 205 अरबपतियों की एक लिस्ट जारी की है जिन्हें शंघाई कंपोजिट इंडेक्स के 12 जून के रिकॉर्ड आंकड़े के बाद से सामुहिक रुप से 195 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है। इस लिस्ट के मुताबिक चीन के सबसे धनी व्यक्ति वांग जियांलिन को उनकी दो कंपनियों के शेयर मूल्य गिरने के बाद 6.5 बिलियन डॉलर का नुकसान उठाना पड़ा है।
इसके अलावा टेंसेंट कंपनी के स्टॉक में 13 प्रतिशत की गिरावट के बाद इसके चेयरमैन पोनी मा को केवल एक दिन में ही 1.2 बिलियन डॉलर और कॉपर केबल उद्यमी वांग वेनयीन को पिछले महीने 7.3 बिलियन डॉलर का नुकसान उठाना पड़ा है। चीन के अन्य अरबपतियों के मुकाबले वेनयीन को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है।
जैक सॉ को भी अरबों का नुकसान
ऑनलाइन खुदरा बाजार की सबसे बड़ी कंपनी अलीबाबा के चेयरमैन जैक मा सॉ को भी 3.7 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है। लिस्ट में शामिल 205 अमीरों में से महज 5 ही ऐसे अरबपति हैं जिन्हें 12 जून के बाद से कोई नुकसान नहीं हुआ है।
कपड़े का व्यापार करने वाले मा जियानरोंग ही एक मात्र ऐसे व्यक्ति है जो इस मंदी के दौर में भी अमीर हुए हैं। आपको बता दें कि शंघाई कंपोजिट इंडेक्स ने इसी साल करीब 60 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की थी। लेकिन 12 जून के बाद इसमें तेजी से 31 फीसदी की गिरावट हुई जिससे चीन की आर्थिक स्थिति में हलचल मची हुई है।
चीन ने उठाए 10 बड़े कदम
इस आर्थिक संकट से उबरने के लिए चीन बड़े पैमाने पर उपाय कर रही है। सरकार ने कुल 10 ऐसे बड़े कदम उठाने जा रही है जिससे कि इस संकट से पार पाया जा सके। सरकार ने स्टॉक बाजार को बचाने के लिए 'पैट्रियाटिक फाइट' नाम से एक अभियान चलाया है। इसके तहत उसने 10 बड़े कदम उठाए हैं....
1- सरकार अनिवार्य रुप से शेयर खरीद रही है।
2- नए शेयर खरीदने के लिए प्रोत्साहन दे रही है।
3- सरकारी धन का अधिक खर्च किया जा रहा है।
4- चीन के आधे से अधिक कंपनियों के शेयरों का व्यापार बंद कर दिया गया है।
5- बड़े शेयर धारक अगले 6 महीने तक शेयर नहीं बेच सकते।
6- चीन भी छोटे शेयर खरीद रहा है।
7- केंद्रीय बैंक ने दरों में कटौती कर दी है।
8- कोई नए आईपीओ नहीं शुरु किए जाएंगे।
9- निवेशक नए शेयर खरीदने के लिए सरकार से कर्ज ले सकते हैं।
10- यूआन (राष्ट्रीय मुद्रा) का अवमूल्यन किया जा रहा है।