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चीनी सेना ने भारत से सटे तिब्बत में मोबाइल होवित्जर तोप तैनात किए
Tue, 08 Jan 2019 05:16 PM IST
अमर शर्मा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: अमर शर्मा
Updated Tue, 08 Jan 2019 05:16 PM IST
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चीनी सैनिक
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चीन की सेना ने हिमालय के पठारी भाग में तैनात अपने सैनिकों की युद्ध क्षमता बढ़ाने के लिए मोबाइल होवित्जर तोपों की तैनाती की है। चीन के आधिकारिक मीडिया ने मंगलवार को इस बारे में जानकारी दी। बता दें कि कुछ समय पहले ही भारत से सटे तिब्बत के इस इलाके में चीन ने हल्के युद्धक टैंक तैनात किए थे।
चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स के अनुसार स्वायत्त क्षेत्र तिब्बत में पीपल्स लिबरेशन आर्मी की शक्ति में इजाफा करने के लिए मोबाइल होवित्जर तोपों की तैनाती की गई है। इसका उद्देश्य सैनिकों की उच्च ऊंचाई पर युद्ध क्षमता को बढ़ाना और सीमा सुरक्षा को पुख्ता करना है।
चीनी सेना के जानकारों के हवाले से दी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि इन PLC-181 मोबाइल होवित्जर तोपों को वाहनों पर ले जाया जा सकेगा। रिपोर्ट के मुताबिक शनिवार को पीएलए ने अपने वीचैट अकाउंट पर इस बात की जानकारी दी। रिपोर्ट के मुताबिक 2017 में डोकलाम में भारत और चीन के बीच हुए गतिरोध के दौरान भी इन्हें तिब्बत में इस्तेमाल किया गया था।
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मिलिट्री एक्सपर्ट सॉन्ग झॉन्गपिंग ने ग्लोबल टाइम्स को बताया कि होवित्जर तोपें 50 किलोमीटर से ज्यादा की रेंज तक मार कर सकती हैं। सॉन्ग ने कहा कि इससे पीएलए को तिब्बत के अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में ताकत मिलेगी। चीन ने तिब्बत में हल्के युद्धक टैंकों की तैनाती के बाद मोबाइल होवित्जर को लगाने का फैसला लिया है। इससे पहले जब भारत और चीन के बीच डोकलाम का गतिरोध चरम पर था, उस दौरान तिब्बत में हुए युद्धाभ्यास में इनका परीक्षण किया गया था।
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चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स के अनुसार स्वायत्त क्षेत्र तिब्बत में पीपल्स लिबरेशन आर्मी की शक्ति में इजाफा करने के लिए मोबाइल होवित्जर तोपों की तैनाती की गई है। इसका उद्देश्य सैनिकों की उच्च ऊंचाई पर युद्ध क्षमता को बढ़ाना और सीमा सुरक्षा को पुख्ता करना है।
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चीनी सेना के जानकारों के हवाले से दी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि इन PLC-181 मोबाइल होवित्जर तोपों को वाहनों पर ले जाया जा सकेगा। रिपोर्ट के मुताबिक शनिवार को पीएलए ने अपने वीचैट अकाउंट पर इस बात की जानकारी दी। रिपोर्ट के मुताबिक 2017 में डोकलाम में भारत और चीन के बीच हुए गतिरोध के दौरान भी इन्हें तिब्बत में इस्तेमाल किया गया था।
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मिलिट्री एक्सपर्ट सॉन्ग झॉन्गपिंग ने ग्लोबल टाइम्स को बताया कि होवित्जर तोपें 50 किलोमीटर से ज्यादा की रेंज तक मार कर सकती हैं। सॉन्ग ने कहा कि इससे पीएलए को तिब्बत के अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में ताकत मिलेगी। चीन ने तिब्बत में हल्के युद्धक टैंकों की तैनाती के बाद मोबाइल होवित्जर को लगाने का फैसला लिया है। इससे पहले जब भारत और चीन के बीच डोकलाम का गतिरोध चरम पर था, उस दौरान तिब्बत में हुए युद्धाभ्यास में इनका परीक्षण किया गया था।