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चीन की दबंगई, दक्षिण सागर में एयरक्राफ्ट से लदा जहाज उतारा

Tue, 27 Dec 2016 02:57 AM IST
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस/ बीजिंग
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस/ बीजिंग Updated Tue, 27 Dec 2016 02:57 AM IST
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China's aircraft carrier sails into South China Sea, Increased stress
फाइल फोटो - फोटो : getty

चीन ने एक बार फिर दबंगई दिखाते हुए अपना एयरक्राफ्ट से लदा जहाज दक्षिण-चीन सागर में उतार दिया है। ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि इसके अलावा चीन के 5 अन्य युद्धपोत भी ताइवान से होते हुए विवादित समुद्री इलाके के लिए रवाना हुए हैं। भारत व दुनिया के लिए यह क्षेत्र महत्वपूर्ण है। यहां पास में ही चीनी युद्धाभ्यास को लेकर पहले से तनाव था। अब चीन की इस ताजा कार्रवाई से यहां हालात और भी गंभीर हो गए हैं।

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ताइवान के मंत्रालय के मुताबिक यह जहाज ‘लिआओनिंग’ के नेतृत्व में यहां स्थित प्रतास आइसलैंड से होकर गुजरा है। इससे पहले शनिवार को चीन के रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि लिआओनिंग नामक उसका जहाज पश्चिमी महासागर में नियमित समुद्री युद्धाभ्यास द्वारा वार्षिक ट्रेनिंग देने के लिए तैयार है।
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लेकिन इसका राजनीतिक रूप से दक्षिण-चीन सागर के संवेदनशील इलाके में प्रवेश करना कई देशों में तनाव बढ़ा सकता है। इससे बीजिंग और ताईपेई के संबंधों में भी तनाव आ गया है। इस बीच ताइवानी राष्ट्रपति ने बीजिंग के उस विचार का पूरी तरह खंडन किया है कि ताइवान चीन का एक हिस्सा है।
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ताइवान ने कहा कि चीनी जहाज और युद्धपोत दक्षिणी ताइवान से 90 नाटिकल मील दूरी से होते हुए गुजरे हैं जो ताइवान और फिलीपींस के बीच का जलमार्ग है। उल्लेखनीय है कि दक्षिण-चीन सागर में फिलीपींस, वियतनाम, मलयेशिया, ताइवान, जापान और ब्रुनेई भी अपना दावा करते रहे हैं।

इसके अलावा यह दुनिया का बड़ा व्यापारिक जलमार्ग है जहां से अमेरिका का माल पूरी दुनिया में जाता है। भारत भी वियतनाम और जापान के साथ आर्थिक समझौतों के लिए इस रास्ते का प्रयोग करता है जहां चीन रुकावट डालता है। 

चीन व अमेरिका दोनों बढ़ा रहे हैं ताकत
यह एक ऐसा विवादित क्षेत्र है जहां अमेरिका और चीन दोनों एक-दूसरे पर सैन्य ताकत बढ़ा रहे हैं। अमेरिकी थिंक टैंक मेरिटाइम ट्रांस्पेरेंसी इनिशिएटिव ने कहा है कि सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि इस माह चीन इस क्षेत्र के आसपास बड़ी तादात में एंटी-एयरक्राफ्ट गन और हवाई पट्टियां तान रहा है।

इसके अलावा वह यहां संचार सुविधा संबंधी सामान और मिसाइलें भी तैनात कर रहा है। जबकि चीन ने कहा है कि यह एक सामान्य कार्रवाई है।

इसलिए दबंगई दिखा रहा है चीन

China's aircraft carrier sails into South China Sea, Increased stress

भारत व दुनिया की चिंता का सबब
दक्षिण चीन सागर के 35 लाख वर्ग किलोमीटर वाले क्षेत्र में तेल और गैस के भंडारों पर चीन, फिलीपींस, वियतनाम, मलयेशिया, ताइवान, जापान और ब्रुनेई अपना दावा करते हैं। कारोबार के लिहाज से इस क्षेत्र से हर साल 7 ट्रिलियन डॉलर का व्यवसाय होता है, जिसमें अमेरिका का बड़ा हिस्सा है।

यहां वियतनाम से भारत को तेल की खोज का काम मिला है, जिसमें चीन बड़ी रुकावट है। चीन यहां भारत की आवाजाही भी प्रभावित करता है।

अमेरिका शुरू से इस मार्ग पर चीन की हरकत का विरोध करता रहा है। लेकिन पीओके से होकर पाकिस्तान में ग्वादर बंदरगाह तक अपना सड़क मार्ग (चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा) बनाने के बाद चीन की पहुंच जलमार्ग से दक्षिण चीन सागर तक काफी आसान हो गई है।

यही कारण है कि चीन इस इलाके में पहले से सैन्य गतिविधियां बढ़ाकर अपने दावे को मजबूत बनाए रखना चाहता है। 

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