{"_id":"59f83ecf4f1c1bc9678b896c","slug":"china-rejected-a-media-report-on-brahmaputra-that-it-was-planning-to-build-a-long-tunnel","type":"story","status":"publish","title_hn":"ब्रह्मपुत्र के पानी को मोड़ने के आरोपों पर चीन ने दी सफाई, 'मीडिया रिपोर्ट में सच्चाई नहीं' ","category":{"title":"China","title_hn":"चीन","slug":"china"}}
ब्रह्मपुत्र के पानी को मोड़ने के आरोपों पर चीन ने दी सफाई, 'मीडिया रिपोर्ट में सच्चाई नहीं'
amarujala.com- Presented by: ऋतुराज त्रिपाठी
Updated Tue, 31 Oct 2017 03:29 PM IST
विज्ञापन
Brahmaputra
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चीन द्वारा दुनिया की सबसे लंबी सुरंग बनाने का दावा करने वाली मीडिया रिपोर्ट को चीन ने गलत बताया है। चीन ने कहा कि यह रिपोर्ट झूठी है और इसमें कोई सच्चाई नहीं है। हांग कांग स्थित साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने सोमवार को कहा था कि चीन के इंजीनियर उस तकनीक की टेस्टिंग कर रहे हैं जिससे दुनिया की सबसे लंबी सुरंग बनाई जा सकेगी।
विज्ञापन
पढ़ें: फिर मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने के प्रस्ताव में अड़ंगा लगा सकता है चीन
विज्ञापन
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा कि यह रिपोर्ट पूरी तरह गलत है। आपको बता दें कि मीडिया रिपोर्टस में दावा किया गया था कि चीन ब्रह्मपुत्र के पानी को तिब्बत से शिनजियांग की तरफ मोड़ने के लिए बनाने पर विचार कर रहा है।
विज्ञापन
मीडिया की खबरों के अनुसार चीनी इंजीनियर उस तकनीक का परीक्षण कर रहे हैं जिससे दुनिया की सबसे लंबी सुरंग को बनाने में प्रयोग किया जाएगा। इस सुरंग के जरिए अरुणाचल के समीप तिब्बत में ब्रह्मपुत्र के पानी को सूखे क्षेत्र शिनजियांग की तरफ मोड़ा जाएगा।
तिब्बत-शिनजियांग जल सुरंग के प्रस्ताव के मसौदे को तैयार करने में मदद करने वाले एक शोधकर्ता वांग वेई ने दावा किया था कि राष्ट्रव्यापी रिसर्च के लिए 100 से अधिक वैज्ञानिकों की टीमों का गठन किया गया था। इस प्रस्ताव पर केंद्रीय सरकार को मार्च में रिपोर्ट सौंपी गई थी।
पढ़ें: चीन की आबादी पर बुढ़ापा हावी, 2050 तक 30% लोगों की उम्र होगी 60 के पार
आपको बता दें कि भारत पहले ही ब्रह्मपुत्र नदी पर बनाए जाने वाले बांधों को लेकर चीन के समक्ष चिंता जता चुका है। वहीं चीन भारत और बांग्लादेश को यह आश्वासन दे चुका है कि उसके बांध नदी परियोजना को संचालित करने के लिए हैं और इन्हें जल संग्रह करने को लिए डिजाइन नहीं किया गया है। भारत और बांग्लादेश दोनों को ब्रह्मपुत्र से पानी मिलता है।