GST लागू होने पर आकर्षण का केंद्र बनेगा भारत: चीन
चीन की आधिकारिक मीडिया ने राज्यसभा में जीएसटी विधेयक के पारित होने को बहुराष्ट्रीय और चीनी कंपनियों से निवेश आकर्षित करने को लेकर भारत के लिए बड़ा प्रोत्साहन बताया है। चीन की आधिकारिक मीडिया ने कहा कि इससे भारतीय अर्थव्यवस्था की गति तेज हो जाएगी।
सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने एक लेख में कहा कि लंबे समय से प्रतीक्षित कर सुधार योजना चीनी कंपनियों समेत बहुराष्ट्रीय कंपनियों के बीच भारत के आकर्षण को निश्चित रूप से बढ़ावा दे सकता है क्योंकि देश में पहले बहुत से केंद्रीय, राज्य और अंतरराज्यीय कर मौजूद थे, जिनका बोझ बहुत ज्यादा था।
इन करों ने इन कंपनियों के भारत में क्षमता विस्तार को रोक दिया था। चीन द्वारा इस सुधार को एक खतरे के बजाय एक अवसर के तौर पर देखे जाने की ज्यादा संभावना है। इस सुधार का लक्ष्य भारत को निवेश के लिए एक बेहतर गंतव्य बनाना है। आगे कहा गया कि चीन हो रहे सुधारों को देखकर खुश होगा और इसे हकीकत बनाने के लिए भारत के साथ काम करने की इच्छा जताएगा। चीनी कंपनियां इस कदम का निश्चित रूप से स्वागत कर रही हैं।
जटिल कर व्यवस्था से परेशान हो रही हैं विदेशी कंपनियां
अन्य प्रतिबंधों के अलावा देश की जटिल और भारी-भरकम कराधान व्यवस्था और कर संग्रह से जुड़ी नौकरशाही भारत में कारोबार कर रही चीनी कंपनियों के लिए बाधा बनी हुई है। ग्लोबल टाइम्स ने आगे कहा कि हालांकि इस सुधार को भारत की 20 खरब की अर्थव्यवस्था को एक वास्तविक साझा बाजार में बदलने के लिए और इसे अंतरराष्ट्रीय बाजार के अनुरूप बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।
इन फायदों को अमल में लाना सुधार को आगे बढ़ाने की मोदी सरकार की काबिलियत और राजनीतिक बुद्घिमता की एक परीक्षा होंगे। भारत को वास्तव में एक मैन्यूफैक्चरिंग पावर हाउस में बदलने में मदद करने के लिए एकीकृत कर का प्रभावी क्रियान्वयन बेहद जरूरी है।
कहा गया कि हालांकि जीएसटी कैसे लागू किया जाएगा इसे लेकर विवरणों पर अभी भी काम किया जाना बाकी है। अगर नई व्यवस्था को राष्ट्रीय संसद और भारतीय राज्यों से हरी झंडी मिल जाए तो यह पूरे देश में ले जाई जाने वाली वस्तुओं पर लगने वाले करों को घटाने में मदद कर सकती है और आर्थिक विकास को बढ़ावा दे सकती है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह विश्व की पहले से ही तेजी से बढ़ रही अर्थव्यवस्था की गति में इजाफा कर सकती है। एचएसबीसी के अनुमान के मुताबिक, यह सुधार 3 से 5 सालों में देश की ग्रोथ में 0.8 फीसदी की बढ़ोत्तरी करेगा।