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चीन को सता रहा है बलूचिस्तान के ग्वादर बंदरगाह के भूकंप में बह जाने का डर
एजेंसी, बीजिंग
Updated Sat, 10 Feb 2018 08:59 PM IST
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ग्वादर बंदरगाह
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चीन और पाकिस्तान के तकरीबन 40 भूवैज्ञानिकों ने एक सर्वे में पाया है कि बलूचिस्तान के ग्वादर में भूकंप का खतरा ज्यादा है। यह सर्वे बलूचिस्तान में मकराना ट्रेंच में किया गया।
मीडिया रिपोर्ट में कहा गया कि बीजिंग अस्थिर प्रांत में व्यापक भूकंप की संभावनाओं से चिंतित है। चीनी और पाकिस्तानी भूवैज्ञानिकों का मानना है कि भूकंप से रणनीति ग्वादर बंदरगाह पर असर पड़ सकता है क्योंकि मकराना ट्रेंच दो टेक्टोनिक प्लेटों के मिलने वाली रेखा पर स्थित है और यह पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह के काफी निकट है।
बता दें कि इस पोर्ट को चीन ने 40 साल के लिए लीज पर लिया है। यह पोर्ट चीन के महत्वाकांक्षी चाइना-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर का भी अहम हिस्सा है। 50 अरब डॉलर की लागत से बन रही यह परियोजना चीन के शिनजियांग प्रांत को पाक के ग्वादर पोर्ट से जोड़ेगी।
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मीडिया रिपोर्ट में कहा गया कि बीजिंग अस्थिर प्रांत में व्यापक भूकंप की संभावनाओं से चिंतित है। चीनी और पाकिस्तानी भूवैज्ञानिकों का मानना है कि भूकंप से रणनीति ग्वादर बंदरगाह पर असर पड़ सकता है क्योंकि मकराना ट्रेंच दो टेक्टोनिक प्लेटों के मिलने वाली रेखा पर स्थित है और यह पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह के काफी निकट है।
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बता दें कि इस पोर्ट को चीन ने 40 साल के लिए लीज पर लिया है। यह पोर्ट चीन के महत्वाकांक्षी चाइना-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर का भी अहम हिस्सा है। 50 अरब डॉलर की लागत से बन रही यह परियोजना चीन के शिनजियांग प्रांत को पाक के ग्वादर पोर्ट से जोड़ेगी।
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