पीएम मोदी ने पाक राष्ट्रपति से हाथ मिलाया, SCO देशों को दिया 'सिक्योर' मंत्र
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए चीन के किंदगाओ में हैं। इस सम्मेलन के दौरान उन्होंने एससीओ सदस्य देशों के नेतओं से मुलाकात की लेकिन पाकिस्तान से किसी भी तरह की वार्ता नहीं हो पाई। हालांकि, पीएम मोदी का सामना अचानक पाकिस्तान के राष्ट्रपति ममनून हुसैन से हो गया। एससीओ देशों के बीच समझौतों पर हस्ताक्षर के बाद पीएम मोदी और पाक राष्ट्रपति एक दूसरे के आमने-सामने आ गए। इसके बाद दोनों नेताओं ने एक दूसरे से हाथ मिलाया। बता दें कि पहली बार दोनों देश पूर्णकालिक सदस्य के तौर पर इस सम्मेलन का हिस्सा बने हैं। इस सम्मेलन में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी मौजूद थे।
#WATCH Prime Minister Narendra Modi and Pakistani President Mamnoon Hussain shake hands after signing of agreements between #SCO nations, in China's #Qingdao pic.twitter.com/bpGu7evVdC
— ANI (@ANI) June 10, 2018विज्ञापन
पीएम मोदी ने चीनी रााष्ट्रपति शी जिनपिंग से हाथ मिलाने के बाद पाक राष्ट्रपति से हाथ मिलाया। उन्होंने चलते-चलते कुछ सेकेंड तक उनसे बातचीत भी की। जब वह थोड़ा आगे बढ़े तो वहां पुतिन भी आ गए। पाक राष्ट्रपति ने पुतिन से भी हाथ मिलाया। जिसके बाद पीएम मोदी रूसी राष्ट्रपति के साथ ही वहां से निकल गए।
पीएम ने दिया 'सिक्योर' मंत्र
इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए 'सिक्योर' (SECURE) का नया कॉन्सेप्ट दिया है। उन्होंने कहा कि S यानी सिक्योरिटी फॉर सिटीजन, E यानी इकोनॉमिक डेवलपमेंट, C यानी कनेक्टिविटी इन द रीजन, U यानी यूनिटी, R यानी रेस्पेक्ट फॉर सोवरेनिटी एंड इंटिग्रिटी और E यानी एनवायरमेंट प्रोटेक्शन। पीएम ने कहा कि भारत का जोर पड़ोसियों के साथ कनेक्टिविटी पर है।
पीएम ने अफगानिस्तान में शांति के मजबूत प्रयास करने के लिए अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी की तारीफ भी की। वहीं, इस सम्मेलन के स्वागत समारोह में पीएम मोदी ने 6 सप्ताह के अंदर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से दूसरी बार मुलाकात की थी। इस सम्मेलन में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी मौजूद हैं।
इस सम्मेलन में पीएम मोदी ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना आतंकवाद पर निशाना साधा था। उन्होने कहा था कि "भारत की सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, अफगानिस्तान आतंक के प्रभाव का दुर्भाग्यपूर्ण उदाहरण है। मैं आशा करता हूं कि शांति की दिशा में राष्ट्रपति अशरफ गनी द्वारा उठाए गए कदमों का क्षेत्र में हर कोई सम्मान करेगा। बिना नाम लिए प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान पर निशाना साधा था।"
बता दें शनिवार को पीएम मोदी और शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई थी। इस दौरान दोनों नेताओं ने वुहान में हुई अनौपचारिक बैठक में लिए फैसलों के क्रियान्वयन पर बातचीत की। दोनों देशों के बीच बाढ़ के आंकड़े उपल्ध कराने और चावल के निर्यात के नियम सरल बनाने को लेकर समझौते पर हस्ताक्षर हुए। दोनों नेताओं के बीच पिछले 6 हफ्तों में यह दूसरी मुलाकात है। इससे पहले पीएम मोदी ने कजाकिस्तान के राष्ट्रपति नूरसुल्तान नजरबायेव के साथ भी बैठक की थी।
जानकारी के लिए बता दें शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की स्थापना साल 2001 में हुई थी। इसके उद्देश्यों में सीमा विवादों का हल, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई, क्षेत्रीय सुरक्षा को बढ़ाना और सेंट्रल एशिया में अमेरिका के बढ़ते प्रभाव को काउंटर करना शामिल है। इसके सदस्य देश चीन, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, रूस, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, भारत और पाकिस्तान हैं।