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लिब्रा की सुपर करेंसी की राह रोकेगा चीन, कहा-लाएंगे अपनी क्रिप्टोकरेंसी

Tue, 22 Oct 2019 04:46 AM IST
संजीव कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: संजीव कुमार झा Updated Tue, 22 Oct 2019 04:46 AM IST
सार

  • चीन इन दिनों अपनी क्रिप्टोकरेंसी को उतारने की दिशा में बहुत तेजी से काम कर रहा है
  • यह लिब्रा जैसी अन्य डिजिटल (आभासी) मुद्राओं से एकदम अलग हो सकती है
  • पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने क्रिप्टोकरंसी शोध समूह 2014 में प्रारंभ किया था।

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China will stop the path of Libra super currency
लिब्रा करेंसी(फाइल फोटो)

विस्तार

एक तरफ फेसबुक की लिब्रा करेंसी के प्रोजेक्ट को कई निवेशक बीच में ही छोड़ चुके हैं तो दूसरी तरफ चीन इन दिनों अपनी क्रिप्टोकरेंसी को उतारने की दिशा में बहुत तेजी से काम कर रहा है। चीन की यह करेंसी बिटक्वाइन या लिब्रा जैसी अन्य डिजिटल (आभासी) मुद्राओं से एकदम अलग हो सकती है। चीन की कोशिश है कि वह लिब्रा को सुपर करेंसी बनने से किसी भी तरह रोक ले।

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बता दें कि फेसबुक को अमेरिकी सरकारी निकायों से भी जूझना पड़ रहा है।जबकि चीन में सरकारी ई-करेंसी न सिर्फ अपराधों पर काबू पाने का साधन बन सकेगी बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी ताकत देगी। इस करेंसी से चीन सरकार अपने नागरिकों के पैसा खर्च करने को लेकर ज्यादा सूचनाएं एकत्रित कर सकेगी। चीन को इस बात की चिंता है कि यदि लिब्रा को हर किसी ने स्वीकार कर लिया तो उसके ग्लोबल सुपर करेंसी बनने की संभावना बढ़ जाएगी।
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चीनी अधिकारी मू छांनचुन ने कहा, अगर लिब्रा सुपर करेंसी बन गई तो चीन की मौद्रिक संप्रभुता के लिए बड़ी चुनौती खड़ी हो जाएगी। इसकी तैयारी के लिए चीन ने स्पष्ट किया कि वह डाटा की जानकारी बाजार से तो अलग रखेगा लेकिन सरकार को उसकी पूरी जानकारी होगी। चीन ने संकेत दिया कि उसका मकसद लिब्रा की नकल नहीं बल्कि वित्तीय व्यवस्था में आगे निकलना है।

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लिब्रा से अलग होगी चीनी करेंसी

China will stop the path of Libra super currency
क्रिप्टोकरंसी

लिब्रा से अलग होगी चीनी करेंसी

चीन के उपभोक्ता लंबे समय से अपने दो एप के माध्यम से भुगतान करते आ रहे हैं। इनमें पहला अलीपे है और दूसरा वीचैटपे है।अलीपे जहां हर सेकंड 2.56 लाख पेमेंट का दावा करता है वहीं वीचैटपे 65 हजार भुगतान हर सेकंड करती है। लिब्रा ने शुरूआत में 1000 भुगतान प्रति सेकंड का दावा किया है। इसीलिए चीन की प्रस्तावित करेंसी के कुछ तत्व तो लिब्रा जैसे होंगे लेकिन वह इससे काफी अलग होगी।

 चीन ने रुका काम फिर शुरू किया

पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने क्रिप्टोकरंसी शोध समूह 2014 में प्रारंभ किया था। 2016 में सेंट्रल बैंक ने डिजिटल सिक्के को जारी करने पर विचार किया। लेकिन 2017 में बिटक्वाइन मूल्य उछलने के बाद चीन ने क्रिप्टोकरंसी एक्सचेंज बंद कर दिए। ई-करंसी के जरिये पैसा जुटाने के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी हुई, लेकिन लिब्रा की घोषणा के बाद चीन ने इस पर दोबारा काम शुरू किया।

 कमर्शियल कैरियर रॉकेट का किया अनावरण

चीन ने अपनी नई पीढ़ी के कमर्शियल कैरियर  रॉकेटों (वाणिज्यिक संवाहक रॉकेटों) का अनावरण किया है, जो कि 1.5 टन तक का भार ले जा सकते हैं। चीन वैश्विक अंतरिक्ष प्रक्षेपण बाजार को आकर्षित करने के लिए भारत के साथ अपनी प्रतिस्पर्धा तेज कर रहा है। नई ‘लॉन्ग’ रॉकेट श्रृंखला में ठोस ईंधन वाले रॉकेट शामिल हैं और इनका सांकेतिक नाम ‘स्मार्ट ड्रैगन (एसडी) परिवार’ रखा गया है।

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