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ड्रैगन की फितरत: स्थिति को देख बदले सुर, अब कहा- आतंकवादियों का 'अड्डा' न बने अफगानिस्तान
Tue, 17 Aug 2021 12:05 PM IST
संजीव कुमार झा
पीटीआई, बीजिंग
पीटीआई, बीजिंग
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Tue, 17 Aug 2021 12:05 PM IST
सार
चीन ने तालिबान से कहा कि आप शांतिपूर्ण शासन करें लेकिन अफगानिस्तान को आतंकी समूहों की पनाहगाह न बनने दें।
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चीन ने तालिबान को दी चेतावनी
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
तालिबान द्वारा अफगानिस्तान में एक समावेशी इस्लामी सरकार बनाने और शांति स्थापित करने के वादे के कुछ घंटे बाद, चीन ने चेतावनी जारी की है। सुरक्षा परिषद में चीन के उपस्थायी प्रतिनिधि गेंग शुआंग ने तालिबान से कहा कि आप शांतिपूर्ण शासन करें लेकिन अफगानिस्तान को आतंकी समूहों की पनाहगाह न बनने दें। शुआंग की यह टिप्पणी अफगानिस्तान की स्थिति पर सुरक्षा परिषद की एक आपात बैठक के दौरान आई।
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गेंग ने भारत की अध्यक्षता में हुई अफगानिस्तान की स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक आपात बैठक में कहा कि अफगानिस्तान को फिर कभी आतंकवादियों का अड्डा नहीं बनना चाहिए। अफगानिस्तान में किसी भी भविष्य के राजनीतिक समाधान के लिए यह नीचे की रेखा है जिसे दृढ़ता से रखा जाना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि अफगानिस्तान में तालिबान अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरी ईमानदारी से निभाएगा और आतंकवादी संगठनों से पूरी तरह से निजात पा लेगा। उन्होंने आगे कहा कि सभी देशों को अंतरराष्ट्रीय कानून और सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के अनुसार अपने दायित्वों को पूरा करना चाहिए, सभी रूपों और अभिव्यक्तियों में आतंकवाद का मुकाबला करने में एक-दूसरे के साथ काम करना चाहिए और इस्लामिक स्टेट, अल-कायदा जैसे आतंकवादी संगठनों को रोकने के लिए दृढ़ कार्रवाई करनी चाहिए।
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उन्होंने ईस्ट तुर्किस्तान इस्लामिक मूवमेंट को लेकर भी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यह आतंकी संगठन फिर से सक्रिय हो सकता है, इसलिए इस पर विशेष रूप से ध्यान रखने की जरूरत है। ईटीआईएम को अल-कायदा का सहयोगी बताया जाता है, चीन के अस्थिर शिनजियांग प्रांत का एक उग्रवादी समूह है। यह प्रांत की आजादी के लिए लड़ रहा है, जो 10 मिलियन उइगुर मुसलमानों का घर है। UNSC अल-कायदा प्रतिबंध समिति ने वर्ष 2002 में ईटीआईएम को एक आतंकवादी संगठन के रूप में सूचीबद्ध किया था।
वहीं इसके अलावा चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने सोमवार को यहां मीडिया के सामने अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता पर कब्जा करने को लेकर पहली बार टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि चीन ने देखा कि अफगान तालिबान ने रविवार को कहा कि अफगानिस्तान में युद्ध खत्म हो गया और वे अफगानिस्तान में एक खुली, समावेशी इस्लामिक सरकार बनाने के लिए बातचीत करेंगे और अफगान नागरिकों तथा विदेशी राजनयिक मिशनों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार कदम उठाएंगे। उन्होंने कहा कि चीन उम्मीद करता है कि ये टिप्पणियां लागू होंगी ताकि अफगानिस्तान की स्थिति में सत्ता का सुचारू रूप से हस्तांतरण हो सके।
तालिबान सरकार को मान्यता देने के सवाल पर चीन ने दिया जवाब
यह पूछे जाने पर कि चीन तालिबानी सरकार को कब मान्यता देगा और क्या बीजिंग उसके लिए कोई शर्त भी रखेगा तो इस पर चुनयिंग ने चतुराई भरा जवाब दिया। उन्होंने कहा अफगानिस्तान में सभी पक्षों की इच्छाशक्ति का पूरा सम्मान करते हुए बीजिंग तालिबान से संपर्क और संचार बना रहा है तथा राजनीतिक समाधान को बढ़ावा देने में एक प्रयासरत भूमिका निभा रहा है।