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China: रूस की नई विदेश नीति को मिला चीन का साथ, भारत को लेकर भी ड्रैगन ने कही बड़ी बात; जानें क्या है मामला

Mon, 03 Apr 2023 11:12 PM IST
शिव शरण शुक्ला वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Mon, 03 Apr 2023 11:12 PM IST
सार

रूस की नई विदेश नीति अवधारणा को लेकर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि इस समय अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय परिदृश्य गंभीर और जटिल बदलावों का सामना कर रहा है। ऐसे में हम रूस और भारत सहित अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ संचार को मजबूत करने के लिए तैयार हैं।

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China supports Putin new foreign policy, says ready to strengthen ties with Russia and India
रूस-चीन - फोटो : Twitter @akalayci34

विस्तार

हिंद प्रशांत क्षेत्र में वर्चस्व को लेकर अमेरिका से तनाव के बीच, चीन ने रूस की विदेश नीति की नई अवधारण का समर्थन किया है। ड्रैगन ने सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बीजिंग, मॉस्को और नई दिल्ली प्रमुख शक्तियों के रूप में उभर कर सामने आ रही हैं। दुनिया में जटिल परिवर्तनों को देखते हुए तमाम देश उनके साथ संबंध मजबूत करने के लिए तैयार है। 

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रूस की नई विदेश नीति अवधारणा को लेकर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि इस समय अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय परिदृश्य गंभीर और जटिल बदलावों का सामना कर रहा है। ऐसे में हम रूस और भारत सहित अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ संचार को मजबूत करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि चीन सच्चे बहुपक्षवाद की रक्षा करने और वैश्विक चुनौतियों का संयुक्त रूप से जवाब देने के बारे में दुनिया के साथ है। इस दौरान उन्होंने रूस और चीन के बीच सामरिक संबंधों के बारे में भी वार्ता की। 
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उन्होंने कहा कि चीन और रूस एक नए प्रकार के संबंधों को विकसित करने के लिए समर्पित हैं। इसमें आपसी सम्मान, शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व और जीत में सहयोग शामिल है। उन्होंने कहा कि हमारे द्विपक्षीय संबंध किसी तीसरे पक्ष को लक्षित नहीं करते हैं और ना ही उससे प्रभावित होते हैं। इस दौरान उन्होंने बीते महीने शी जिनपिंग की रूस यात्रा का भी जिक्र किया। उस यात्रा के दौरान रूस और चीन के राष्ट्राध्यक्षों ने चीन-रूस संबंधों के भविष्य के पाठ्यक्रम के लिए एक खाका तैयार किया। उन्होंने कहा कि हम चीन-रूस संबंधों के भविष्य को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हैं।
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 गौरतलब है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पिछले शुक्रवार को नई विदेश नीति अवधारणा पर हस्ताक्षर किए थे। इसमें कहा गया कि चीन और भारत के साथ संबंधों को मजबूत करना और गहरा करना रूस के लिए एक कूटनीतिक प्राथमिकता है। व्लादिमीर पुतिन की ओर से शुक्रवार को अनुमोदित विदेश नीति के अपने नए सिद्धांत को पेश करते हुए रूस ने यह भी कहा कि अन्य देशों और बहुपक्षीय निकायों के प्रति उसका रवैया इसके संबंध में उनकी नीतियों के रचनात्मक, तटस्थ और अमैत्रीपूर्ण चरित्र पर निर्भर है। नई विदेश नीति में कहा गया है कि रूस यूरेशिया में भारत के साथ विशेषाधिकार रणनीतिक साझेदारी और द्विपक्षीय व्यापार की मात्रा बढ़ाने, निवेश और तकनीकी संबंधों को मजबूत करने पर जोर देगा। इसके अलावा अमित्र राज्यों और उनके गठबंधनों के विनाशकारी कार्यों के प्रतिरोध को सुनिश्चित करेगा।


भारत से सभी क्षेत्रों में संबंध होंगे और मजबूत
रूस ने भारत के साथ परस्पर लाभकारी आधार पर सभी क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने और उसका विस्तार करने की भी बात कही है। इसमें यह भी कहा गया है कि यूक्रेन पर रूस के हमले के बावजूद भारत के साथ उसके संबंधों पर कोई असर नहीं पड़ा है और वह मजबूत बना हुआ है। पश्चिमी देशों की नाराजगी के बावजूद पिछले कुछ महीनों के दौरान रूस से भारत के कच्चे तेल के आयात में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। रूस ने कहा है कि वह यूरेशिया को शांति, स्थिरता, विश्वास, विकास और समृद्धि के एक महाद्वीपीय साझा स्थान में बदलना चाहता है।

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