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USA: क्या क्यूबा के जरिए अमेरिका की जासूसी करने की तैयारी कर रहा चीन? थिंक टैंक का बड़ा दावा
Wed, 03 Jul 2024 08:15 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: नितिन गौतम
Updated Wed, 03 Jul 2024 08:15 AM IST
सार
सीएसआईएस ने यह भी कहा कि मार्च 2024 की सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि हवाना के पास पहाड़ियों में स्थित बेजुकल में क्यूबा की सबसे बड़ी सक्रिय सिग्नल इंटेलिजेंस साइट, जो वर्षों से संदिग्ध चीनी खुफिया गतिविधि से जुड़ी हुई है, पिछले एक दशक में उसे काफी अपडेट किया गया है।
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US-China
- फोटो : ANI
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विस्तार
अमेरिका के ग्वांतानामो बे नौसैन्य अड्डे के नजदीक क्यूबा एक नई सर्विलांस इमारत का निर्माण कर रहा है। वॉशिंगटन स्थित थिंक टैंक का कहना है कि इस रडार साइट का इस्तेमाल अमेरिका की जासूसी करने के लिए किया जा सकता है। थिंक टैंक का दावा है कि क्यूबा के सर्विलांस के पीछे चीन हो सकता है। अमेरिका के थिंक टैंक सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (CSIS) ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा कि क्यूबा का यह रडार स्थल सैंटियागो डे क्यूबा शहर के पूर्व में स्थित है। क्यूबा का यह बेस साल 2021 से निर्माणाधीन है, पहले इसके बारे में सार्वजनिक जानकारी नहीं थी।
थिंक टैंक ने किए ये दावे
गौरतलब है कि क्यूबा, अमेरिका के नजदीक है और यही वजह है कि अमेरिका और उसके दक्षिणी सैन्य ठिकानों की जासूसी के लिए क्यूबा एक आदर्श जगह हो सकती है। CSIS का दावा है कि क्यूबा स्थित नई इमारत का निर्माण पूरा होने के बाद यहां से अमेरिका की सेना की हवाई और समुद्री गतिविधि की निगरानी करना आसान होगा। सीएसआईएस ने यह भी कहा कि मार्च 2024 की सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि हवाना के पास पहाड़ियों में स्थित बेजुकल में क्यूबा की सबसे बड़ी सक्रिय सिग्नल इंटेलिजेंस साइट, जो वर्षों से संदिग्ध चीनी खुफिया गतिविधि से जुड़ी हुई है, पिछले एक दशक में उसे काफी अपडेट किया गया है। सीएसआईएस ने कहा इस साइट की मदद से चीन को अमेरिका के सैन्य अभ्यास, मिसाइल परीक्षण, रॉकेट लॉन्च और पनडुब्बी युद्धाभ्यास जैसी गतिविधियों का डेटा और तस्वीरें इकट्ठा करने में मदद मिलेगी।
क्यूबा ने खारिज किए थिंक टैंक के दावे
द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने भी इसे लेकर एक रिपोर्ट प्रकाशित की है। हालांकि क्यूबा के उप विदेश मंत्री कार्लोस फर्नांडीज डी कोसियो ने इस बात से इनकार किया कि क्यूबा द्वीप पर चीनी सैन्य हितों को पनाह दे रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि द वॉल स्ट्रीट जर्नल बिना किसी सबूत और तथ्यों के क्यूबा के खिलाफ अभियान शुरू करने में लगा हुआ है। उन्होंने कहा कि चीनी सैन्य ठिकानों के बारे में जो कहानियां बनाई जा रही हैं, उससे जनता को डराने की कोशिश की जा रही है। कोसियो ने क्यूबा स्थित अमेरिकी दूतावास के भी इसमें शामिल होने का आरोप लगाया।
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क्यूबा में अपनी क्षमता बढ़ा रहा चीन
सीएसआईएस के अनुसार, शीत युद्ध के दौरान इस तरह के जासूसी स्थलों का काफी इस्तेमाल किया गया था, लेकिन अब तकनीक के उन्नत हो जाने के चलते रूस और अमेरिका दोनों ही देशों ने ऐसी जासूसी साइटों का इस्तेमाल बंद कर दिया है। थिंक टैंक का दावा है कि चीन दक्षिण चीन सागर में ऐसे नए जासूसी स्थलों का निर्माण कर रहा है। पिछले साल भी बाइडन प्रशासन के अधिकारियों ने कहा कि बीजिंग वर्षों से क्यूबा से अमेरिका की जासूसी कर रहा है और 2019 से वहाँ अपनी खुफिया संग्रह क्षमताओं को उन्नत करने का प्रयास कर रहा है, लेकिन चीन और क्यूबा दोनों ने इन आरोपों को खारिज कर दिया था।
विदेश विभाग के प्रवक्ता वेदांत पटेल ने रिपोर्ट पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, लेकिन मंगलवार को एक ब्रीफिंग में बताया कि अमेरिका क्यूबा में चीन की उपस्थिति पर बारीकी से नज़र रख रहा है। वहीं अमेरिका स्थित चीन दूतावास ने कहा कि ऐसे दावे सिर्फ चीन को बदनाम करने की कोशिश भर है।
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थिंक टैंक ने किए ये दावे
गौरतलब है कि क्यूबा, अमेरिका के नजदीक है और यही वजह है कि अमेरिका और उसके दक्षिणी सैन्य ठिकानों की जासूसी के लिए क्यूबा एक आदर्श जगह हो सकती है। CSIS का दावा है कि क्यूबा स्थित नई इमारत का निर्माण पूरा होने के बाद यहां से अमेरिका की सेना की हवाई और समुद्री गतिविधि की निगरानी करना आसान होगा। सीएसआईएस ने यह भी कहा कि मार्च 2024 की सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि हवाना के पास पहाड़ियों में स्थित बेजुकल में क्यूबा की सबसे बड़ी सक्रिय सिग्नल इंटेलिजेंस साइट, जो वर्षों से संदिग्ध चीनी खुफिया गतिविधि से जुड़ी हुई है, पिछले एक दशक में उसे काफी अपडेट किया गया है। सीएसआईएस ने कहा इस साइट की मदद से चीन को अमेरिका के सैन्य अभ्यास, मिसाइल परीक्षण, रॉकेट लॉन्च और पनडुब्बी युद्धाभ्यास जैसी गतिविधियों का डेटा और तस्वीरें इकट्ठा करने में मदद मिलेगी।
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क्यूबा ने खारिज किए थिंक टैंक के दावे
द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने भी इसे लेकर एक रिपोर्ट प्रकाशित की है। हालांकि क्यूबा के उप विदेश मंत्री कार्लोस फर्नांडीज डी कोसियो ने इस बात से इनकार किया कि क्यूबा द्वीप पर चीनी सैन्य हितों को पनाह दे रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि द वॉल स्ट्रीट जर्नल बिना किसी सबूत और तथ्यों के क्यूबा के खिलाफ अभियान शुरू करने में लगा हुआ है। उन्होंने कहा कि चीनी सैन्य ठिकानों के बारे में जो कहानियां बनाई जा रही हैं, उससे जनता को डराने की कोशिश की जा रही है। कोसियो ने क्यूबा स्थित अमेरिकी दूतावास के भी इसमें शामिल होने का आरोप लगाया।
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क्यूबा में अपनी क्षमता बढ़ा रहा चीन
सीएसआईएस के अनुसार, शीत युद्ध के दौरान इस तरह के जासूसी स्थलों का काफी इस्तेमाल किया गया था, लेकिन अब तकनीक के उन्नत हो जाने के चलते रूस और अमेरिका दोनों ही देशों ने ऐसी जासूसी साइटों का इस्तेमाल बंद कर दिया है। थिंक टैंक का दावा है कि चीन दक्षिण चीन सागर में ऐसे नए जासूसी स्थलों का निर्माण कर रहा है। पिछले साल भी बाइडन प्रशासन के अधिकारियों ने कहा कि बीजिंग वर्षों से क्यूबा से अमेरिका की जासूसी कर रहा है और 2019 से वहाँ अपनी खुफिया संग्रह क्षमताओं को उन्नत करने का प्रयास कर रहा है, लेकिन चीन और क्यूबा दोनों ने इन आरोपों को खारिज कर दिया था।
विदेश विभाग के प्रवक्ता वेदांत पटेल ने रिपोर्ट पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, लेकिन मंगलवार को एक ब्रीफिंग में बताया कि अमेरिका क्यूबा में चीन की उपस्थिति पर बारीकी से नज़र रख रहा है। वहीं अमेरिका स्थित चीन दूतावास ने कहा कि ऐसे दावे सिर्फ चीन को बदनाम करने की कोशिश भर है।