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पीएम मोदी के बयान से नरम पड़ा चीन, कहा- भारत के साथ मतभेद सुलझाने के लिए तैयार

Mon, 17 Aug 2020 06:52 PM IST
अनवर अंसारी पीटीआई, बीजिंग
पीटीआई, बीजिंग Published by: अनवर अंसारी Updated Mon, 17 Aug 2020 06:52 PM IST
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China says Ready to work with India to enhance trust, manage differences and safeguard ties
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान - फोटो : twitter

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के दिन लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए कहा था कि एलओसी से एलएसी तक भारत की संप्रभुता को चुनौती देने वालों को सेना ने मुंहतोड़ जवाब दिया है। पीएम का इशारा चीन और पाकिस्तान की तरफ था।

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वहीं, प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद से चीन ने अपने तेवर नरम कर लिए हैं और सुलह की बात करने लगा है। चीन ने सोमवार को कहा कि वह आपसी राजनीतिक भरोसा बढ़ाने, अपने मतभेदों को उचित तरीके से सुलझाने और द्विपक्षीय संबंधों की रक्षा के लिए भारत के साथ मिलकर काम करने को तैयार है।
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चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने नियमित संवाददाता सम्मेलन में यह टिप्पणी की। पश्चिमी मीडिया के एक पत्रकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान पर चीन की प्रतिक्रिया मांगी, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारतीय सैनिकों ने देश की संप्रभुता को चुनौती देने वालों को मुंहतोड़ जवाब दिया।
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पीएम मोदी ने 74वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किला की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा था कि ‘एलओसी से एलएसी तक’ देश की संप्रभुता को चुनौती देने वालों को सेना ने मुंहतोड़ जवाब दिया है।

यह भी पढ़ें: पीएम बोले- संप्रभुता पर आंख उठाने वालों को देश और सेना ने उन्हीं की भाषा में जवाब दिया

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था, एलओसी (नियंत्रण रेखा) से एलएसी (वास्तविक नियंत्रण रेखा) तक देश की संप्रभुता पर जिस किसी ने आंख उठाई उसे उसकी ही भाषा में जवाब दिया गया। एक सवाल पर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ ने कहा, हमने प्रधानमंत्री के संबोधन का संज्ञान लिया है। 


उन्होंने कहा, हम करीबी पड़ोसी हैं, एक अरब से ज्यादा आबादी के साथ हम उभरते हुए देश हैं। इसलिए द्विपक्षीय संबंधों की प्रगति ना केवल दोनों देशों के लोगों के हित में है बल्कि यह क्षेत्र और समूचे विश्व की स्थिरता, शांति और समृद्धि के हित में भी है। 

झाओ ने कहा, दोनों पक्षों के लिए सही रास्ता एक दूसरे का सम्मान और समर्थन करना है क्योंकि यह हमारे दीर्घकालिक हितों को पूरा करता है। प्रवक्ता ने कहा, इसलिए चीन आपसी राजनीतिक भरोसा बढ़ाने, मतभेदों को उचित तरीके से सुलझाने और व्यावहारिक सहयोग तथा दीर्घावधि में द्विपक्षीय संबंधों के हितों की रक्षा के लिए भारत के साथ मिलकर काम करने को तैयार है। 

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