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China: 'सीमा विवाद द्विपक्षीय संबंधों का प्रतिनिधित्व नहीं करता', लगातार गलतबयानी के बाद नरम पड़े चीन के सुर

Wed, 13 Mar 2024 05:49 PM IST
आदर्श शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग Published by: आदर्श शर्मा Updated Wed, 13 Mar 2024 05:49 PM IST
सार

विदेश मंत्री जयशंकर ने एक बयान में कहा था कि चीन को समझौते का पालन करना चाहिए। इससे द्विपक्षीय संबंध में असर पड़ रहा है। इस पर चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सीमा विवाद पूरे संबंध का प्रतिनिधित्व नहीं करता है। 

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China says boundary issue with India does not represent entirety of bilateral ties
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

चीन ने कहा कि भारत अक्सर कहता है कि जब तक सीमावर्ती इलाकों में शांति नहीं होगी तब तक चीन के साथ संबंध सामान्य नहीं हो सकते हैं। चीन-भारत सीमा मुद्दा पूरे द्विपक्षीय संबंधों का प्रतिनिधित्व नहीं करता है। दोनों देशों को गलत निर्णय लेने से बचने के लिए आपसी विश्वास को बढ़ाना होगा। 
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हमें झड़प से कोई लाभ नहीं- वांग वेनबिन
गौरतलब है कि जून 2020 में गलवान घाटी में हुई दोनों सेनाओं के बीच झड़प के बाद द्विपक्षीय संबंधों में दरार आई है। विदेश मंत्री एस जयशंकर की टिप्पणी पर सवालों का जवाब देते हुए चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने कहा कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर सैनिकों की झड़प से हमारे लिए कोई फायदा नहीं हुआ।
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चीन की मंशा पर जयशंकर ने उठाए थे सवाल
वांग ने कहा कि चीन ने कई बार इस बात पर जोर दिया है कि सीमा विवाद कभी भी पूरे चीन-भारत संबंधों को नहीं दर्शाता है। बता दें सोमवार को चीनी राजनयिक के सवाल का जवाब देते हुए जयशंकर ने कहा था कि मुझे लगता है कि यह हमारे साझा हित में है कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर इतनी अधिक सेनाएं नहीं होनी चाहिए।
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दोनों के बीच हुए समझौतों का हो पालन- जयशंकर
जयशंकर ने कहा था कि यह हमारे साझा हित में है कि हमें उन समझौतों का पालन करना चाहिए, जिन पर हमने हस्ताक्षर किए हैं। यह न केवल हमारे साझा हित में है बल्कि यह चीन के भी हित में है। जयशंकर ने कहा कि पिछले चार वर्षों से हमने जो तनाव देखा है, उससे हम दोनों को कोई फायदा नहीं हुआ है।


दोनों देशों को आपसी विश्वास बढ़ाना होगा- वांग वेनबिन
जिसके बाद चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने कहा कि चीन और भारत दोनों का मानना है कि चीन-भारत सीमा पर स्थिति का शीघ्र समाधान दोनों पक्षों के साझा हित में हैं। हमें उम्मीद है कि भारत हमारे साथ समान दिशा में काम करेगा और द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक ऊंचाई और दीर्घकालिक नजरिए से देखेगा। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को आपसी विश्वास बढ़ाना चाहिए और गलतफहमी और गलत निर्णय से बचना चाहिए। हमें अपने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत और स्थिर रास्ते पर विकसित करने के लिए मतभेदों के सामाधान निकालने होंगे। 
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