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Washington: अमेरिका के विदेश मंत्री ने कहा- कोविड प्रदर्शनकारियों के खिलाफ चीन की कार्रवाई कमजोरी का संकेत
Thu, 01 Dec 2022 04:09 AM IST
वीरेंद्र शर्मा
एएनआई, वाशिंगटन
एएनआई, वाशिंगटन
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Thu, 01 Dec 2022 04:09 AM IST
सार
चीन की 'जीरो कोविड पॉलिसी' लेकर चीन के लोग आंदोलनरत है। हाल ही में देशभर के कई हिस्सों में कम्युनिस्ट पार्टी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन देखने को मिले।
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चीन में प्रदर्शन (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
पिछले तीन सालों में कोविड के दौरान लाखों लोग लॉकडाउन से प्रभावित हुए हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने बुधवार को प्रदर्शनकारियों के खिलाफ चीन की दमनकारी बताते हुए कहा कि लॉकडाउन कमजोरी का संकेत है। चीन को इस मुद्दे पर कड़े कदम उठाने चाहिए।
एनबीसी को दिए साक्षात्कार के दौरान ब्लिंकन ने कहा कि चीन के लोग अपने मुद्दे को उठाने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन सरकार उन्हें रोकने के लिए बड़े पैमाने पर दमनकारी कार्रवाई कर रही है, यह ताकत का संकेत नहीं है, बल्कि यह कमजोरी का संकेत है। कोविड लॉकडाउन को लेकर चीन में विरोध के बारे में एक सवाल के जवाब में अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि उनकी स्थिति के बारे में मैं कुछ नहीं कह सकता लेकिन मैं जो कह सकता हूं वह यह है कि सबसे पहले, शून्य -सीओवीआईडी नीति जो हमने चीन में देखी है वह कुछ ऐसा नहीं है जो हम करेंगे और हम यह सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं कि लोगों के पास सुरक्षित और प्रभावी टीके हैं, हमने परीक्षण किया है, कि हमारे पास उपचार है, और यह प्रभावी साबित हुआ है। उन्होंने कहा कि चीन को एक ऐसा तरीका निकालना होगा जो स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के लिए जरूरती हो और कोविड से निपट सके।
बता दें कि, चीन की 'जीरो कोविड पॉलिसी' लेकर चीन के लोग आंदोलनरत है। हाल ही में देशभर के कई हिस्सों में कम्युनिस्ट पार्टी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन देखने को मिले। इस बीच, प्रदर्शनों की जांच कर रही दंगारोधी पुलिस ने मंगलवार रात ग्वांगझू में उनसे भी पूछताछ की, जो सरकार विरोधी प्रदर्शनों में शामिल नहीं थे। इससे लोगों का गुस्सा और भड़का और पुलिस के साथ हाथापाई भी हुई। इसके बाद प्रशासन को बुधवार को शहर के कई इलाकों में प्रतिबंधों में ढील देने को मजबूर होना पड़ा है। वहीं, प्रदर्शनों की व्यापकता को देखते हुए शी जिनपिंग सरकार ने कई प्रमुख शहरों में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया है। पूर्वी शहर शुझोऊ में टैंक तैनात किए जाने की खबर है। इसके अलावा, लोगों को मोबाइल और अन्य उपकरणों की जांच की जा रही है। प्रदर्शनों से जुड़े वीडियो डिलीट किए जा रहे हैं। इंटरनेट पर भी अंकुश लगाया गया है।
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एनबीसी को दिए साक्षात्कार के दौरान ब्लिंकन ने कहा कि चीन के लोग अपने मुद्दे को उठाने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन सरकार उन्हें रोकने के लिए बड़े पैमाने पर दमनकारी कार्रवाई कर रही है, यह ताकत का संकेत नहीं है, बल्कि यह कमजोरी का संकेत है। कोविड लॉकडाउन को लेकर चीन में विरोध के बारे में एक सवाल के जवाब में अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि उनकी स्थिति के बारे में मैं कुछ नहीं कह सकता लेकिन मैं जो कह सकता हूं वह यह है कि सबसे पहले, शून्य -सीओवीआईडी नीति जो हमने चीन में देखी है वह कुछ ऐसा नहीं है जो हम करेंगे और हम यह सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं कि लोगों के पास सुरक्षित और प्रभावी टीके हैं, हमने परीक्षण किया है, कि हमारे पास उपचार है, और यह प्रभावी साबित हुआ है। उन्होंने कहा कि चीन को एक ऐसा तरीका निकालना होगा जो स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के लिए जरूरती हो और कोविड से निपट सके।
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बता दें कि, चीन की 'जीरो कोविड पॉलिसी' लेकर चीन के लोग आंदोलनरत है। हाल ही में देशभर के कई हिस्सों में कम्युनिस्ट पार्टी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन देखने को मिले। इस बीच, प्रदर्शनों की जांच कर रही दंगारोधी पुलिस ने मंगलवार रात ग्वांगझू में उनसे भी पूछताछ की, जो सरकार विरोधी प्रदर्शनों में शामिल नहीं थे। इससे लोगों का गुस्सा और भड़का और पुलिस के साथ हाथापाई भी हुई। इसके बाद प्रशासन को बुधवार को शहर के कई इलाकों में प्रतिबंधों में ढील देने को मजबूर होना पड़ा है। वहीं, प्रदर्शनों की व्यापकता को देखते हुए शी जिनपिंग सरकार ने कई प्रमुख शहरों में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया है। पूर्वी शहर शुझोऊ में टैंक तैनात किए जाने की खबर है। इसके अलावा, लोगों को मोबाइल और अन्य उपकरणों की जांच की जा रही है। प्रदर्शनों से जुड़े वीडियो डिलीट किए जा रहे हैं। इंटरनेट पर भी अंकुश लगाया गया है।
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