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CPEC: पाक में अपने कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए चीन अपनी फर्म तैनात करने की तैयारी में, पाकिस्तान ने जताया विरोध
Tue, 28 Jun 2022 08:40 PM IST
Amit Mandal
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
Published by: Amit Mandal
Updated Tue, 28 Jun 2022 08:40 PM IST
सार
चीन चाहता है कि उसकी अपनी सुरक्षा कंपनी उस देश में अपने नागरिकों के खिलाफ हालिया हमलों के बाद पाकिस्तान में अपने नागरिकों और संपत्तियों की रक्षा करे।
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चीन-पाकिस्तान
- फोटो : social media
विस्तार
चीन मंगलवार को एक मीडिया रिपोर्ट पर चुप्पी साधे रहा जिसमें दावा किया गया था कि उसके सदाबहार सहयोगी इस्लामाबाद ने हाल ही में उनके खिलाफ आतंकवादी हमलों में बढ़ोतरी के बाद पाकिस्तान में चीनी श्रमिकों और संपत्तियों की रक्षा के लिए अपनी सुरक्षा फर्म को अनुमति देने के बीजिंग के अनुरोध पर आपत्ति जताई है। यहां एक मीडिया ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने कहा कि बीजिंग और इस्लामाबाद पाकिस्तान में चीनी संस्थानों और कर्मियों की सुरक्षा की रक्षा के लिए संचार और समन्वय कर रहे हैं।
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चीन ने अपनी सुरक्षा एजेंसी को पाकिस्तान में काम करने की मांगी अनुमति
राज्य सुरक्षा मंत्रालय ने जून में इस्लामाबाद से एक चीनी सुरक्षा कंपनी को अपने नागरिकों और संपत्तियों की सुरक्षा के लिए पाकिस्तान में काम करने की अनुमति देने के लिए कहा था। हालांकि, पाकिस्तान के आंतरिक मंत्रालय ने प्रस्ताव पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि उसके सुरक्षा बल चीनी नागरिकों और संपत्तियों की रक्षा करने में सक्षम हैं।
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जापानी मीडिया आउटलेट निक्केई ने रिपोर्ट किया है कि चीन चाहता है कि उसकी अपनी सुरक्षा कंपनी उस देश में अपने नागरिकों के खिलाफ हालिया हमलों के बाद पाकिस्तान में अपने नागरिकों और संपत्तियों की रक्षा करे, लेकिन इस्लामाबाद बीजिंग के दबाव का विरोध कर रहा है। हाल के महीनों में पाकिस्तान में 60 अरब अमेरिकी डॉलर के चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) के तहत कई परियोजनाओं में कार्यरत चीनी कामगारों के खिलाफ हमलों की बाढ़ आ गई है।
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बीएलए ने किया था हालिया हमला
ताजा हमला अप्रैल में हुआ था जब बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) की एक महिला आत्मघाती हमलावर ने कराची विश्वविद्यालय के पास चीनी नागरिकों को ले जा रही एक वैन के पास खुद को उड़ा लिया था। इस घटना में तीन चीनी मारे गए थे। बलूच विद्रोही समूह इससे पहले सीपीईसी परियोजनाओं को निशाना बनाकर कई हमले कर चुके हैं। जबकि बीएलए बलूचिस्तान में चीनी उपस्थिति का विरोध करता है, पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) को भी चीनी नागरिकों पर कुछ हमलों के लिए दोषी ठहराया गया है।
पाकिस्तान को मिल सकता है आईएमएफ से कर्ज
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मंगलवार को कहा कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से पाकिस्तान को दो अरब डॉलर की राहत मिल सकती है। वित्त मंत्री का हवाला देते हुए शरीफ ने पुष्टि की कि पाकिस्तान को सातवीं और आठवीं समीक्षा के लिए आईएमएफ से आर्थिक और वित्तीय नीतियों का ज्ञापन (एमईएफपी) भी मिला है।
मिफ्ताह इस्माइल ने सुबह एक संदेश प्रसारित करते हुए कहा कि हमें उम्मीद है कि हमें आईएमएफ से 1 बिलियन अमरीकी डॉलर नहीं, बल्कि 2 बिलियन अमरीकी डालर प्राप्त होंगे। मैंने यह कहकर उत्तर दिया कि हमारा वास्तविक लक्ष्य आत्मनिर्भरता है। डॉन अखबार ने योजना और विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित 'टर्नअराउंड पाकिस्तान' सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री के हवाले से यह कहा।
चीन ने पाकिस्तान को दी 2.3 अरब अमेरिकी डॉलर की मदद
चीन ने पाकिस्तान में तेजी से घटते विदेशी मुद्रा भंडार का समर्थन करने के लिए 2.3 बिलियन अमेरिकी डॉलर की सहायता प्रदान करके पाकिस्तान को फिर से संकट से उबारने की कोशिश की है। इससे पहले 4.5 बिलियन अमेरिकी डालर का ऋण देने की भी घोषणा की गई थी। चीनी सहायता की घोषणा फ्रांस द्वारा जी 20 डेट सर्विस सस्पेंशन इनिशिएटिव (DSSI) के तहत 107 मिलियन अमेरिकी डॉलर के अपने कर्ज को निलंबित करने के लिए पाकिस्तान के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद हुई। पाकिस्तान के आर्थिक मामलों के विभाग ने सोमवार को एक बयान में कहा कि आर्थिक मामलों के मंत्रालय के सचिव मियां असद हयाद दीन और फ्रांस के राजदूत निकोलस गैली ने समझौते पर हस्ताक्षर किए।
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने यहां एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि चीन और पाकिस्तान हमेशा के लिए रणनीतिक सहयोगी साझेदार हैं। चीन हमेशा अर्थव्यवस्था को बढ़ाने, आजीविका में सुधार और वित्तीय स्थिरता को बनाए रखने में पाकिस्तान का समर्थन करता है।