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China: अनधिकृत लोगों की भूकंप प्रभावित क्षेत्र में एंट्री बैन, रेस्क्यू में लगे लोगों को रोज होगा कोरोना टेस्ट

Wed, 07 Sep 2022 09:29 PM IST
अभिषेक दीक्षित वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Wed, 07 Sep 2022 09:29 PM IST
सार

सिचुआन में सोमवार को आए भूकंप से भारी तबाही हुई थी। भूकंप के झटके इतने जोरदार थे कि सेकेंड में सबकुछ बर्बाद हो गया।

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China quake-hit Sichuan province bans entry of unauthorised people orders daily COVD tests for survivors
चीन में भूकंप - फोटो : social media

विस्तार

चीन के सिचुआन प्रांत ने अनधिकृत लोगों के भूकंप क्षेत्रों में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके साथ ही जीवित बचे लोगों और बचावकर्मियों को रोज कोरोना की जांच कराने का आदेश दिया गया है। दरअसल, प्रांत कोरोना के प्रकोप से भी जूझ रहा है। इस बीच हाल ही में भूकंप ने हालात को और भी गंभीर कर दिया। भमकंप की वजह से मरने वालों की संख्या बढ़कर 74 हो गई है। इसके साथ ही अन्य 26 लोग अभी भी लापता हैं।

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इससे पहले सिचुआन में सोमवार को आए भूकंप से भारी तबाही हुई थी। भूकंप के झटके इतने जोरदार थे कि सेकेंड में सबकुछ बर्बाद हो गया। यहां कई इमारतें मलबे में तब्दील हो गईं। भूकंप का केंद्र लुडिंग काउंटी था। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता  6.8 मापी गई थी। जगह-जगह चट्टानें भी टूटकर सड़कों पर गिर गईं तो वहीं रिहायशी इलाकों में इमारतों के मलबे में लोग दब गए।
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भूकंप के बाद पुलिस और स्वास्थ्यकर्मियों ने अपार्टमेंट इमारतों के निवासियों को बाहर जाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। यहां पहले ही सरकार की सख्त शून्य-कोविड नीति के तहत लॉकडाउन लगा हुआ है। अधिकारियों ने बुधवार को कहा कि भूकंप में लगभग 259 लोग घायल हो गए थे और लगभग 1,000 लोग भूकंप के बाद बनी झील में फंस गए थे। यह प्रांत भारी सूखे के अलावा कोरोना के मामलों से भी जूझ रहा है।
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हॉन्ग कॉन्ग स्थित साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने बुधवार को बताया कि किसी भी आधिकृत लोगों और वाहनों के लिए प्रवेश की अनुमति नहीं है। इसमें वे भी शामिल हैं, जो रेस्क्यू प्रयासों के लिए स्वेच्छा से काम कर रहे हैं। बचावकर्मियों को जारी किए गए प्रवेश परमिट के साथ 24 घंटे के अंदर की कोरोना टेस्ट की निगेटिव रिपोर्ट और एक ग्रीन हेल्थ कोड दिखाना होगा। इसके साथ उनका कोरोना मामलों वाले शहरों में कोई यात्रा इतिहास नहीं होना चाहिए। बचावकर्मियों को हर 24 घंटे में अपना कोरोना टेस्ट कराना चाहिए।

चीन ने राहत देने के लिए उठाया ये कदम
सरकारी समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, गांजी और याआन में फंसे 50,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित  स्थानों पर पहुंचाया गया है। इसके अलावा सिचुआन में  6,500 से अधिक बचाव दल, चार हेलीकॉप्टर और दो मानव रहित हवाई वाहन तैनात किए गए हैं। इसके अलावा फायर ब्रिगेड की 1100 टीमें लगाई गई हैं। वित्त मंत्रालय और आपातकालीन प्रबंधन मंत्रालय ने बचाव और राहत कार्यों में सहायता के लिए 50 मिलियन युआन (लगभग 7.25 मिलियन अमरीकी डॉलर) वित्तीय सहायता प्रदान की है। प्रांतीय सरकार ने भी गांजी को 50 मिलियन युआन आवंटित किए हैं। लुडिंग काउंटी, जहां भूकंप का केंद्र था वहां 3,000 टेंट और 10,000 तह बिस्तरों सहित राहत सामग्री आवंटित की गई थी।


चीन में 2008 में 8.2 तीव्रता के भूकंप ने मचाई थी तबाही
बता दें कि  साल 2008 में चीन में धरती हिलने से मौत का तांडव मच गया। दो मिनट के भीतर 69 हजार से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। उस समय भूकंप की तीव्रता  8.2 थी। इस हादसे में 18 हजार से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। वहीं चीन के सिचुआन प्रांत में आए भूकंप को इसकी विनाशकारी लीला को देखते हुए ग्रेट शिचुआन भूकंप नाम दिया गया।

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