फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   China pushes for adoption of cultural symbols and language in Tibet

तानाशाही: चीन का तिब्बत में उसकी भाषा व प्रतीकों को अपनाने पर जोर

Fri, 20 Aug 2021 03:37 AM IST
Jeet Kumar एजेंसी, बीजिंग।
एजेंसी, बीजिंग। Published by: Jeet Kumar Updated Fri, 20 Aug 2021 03:37 AM IST
सार

चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी का कहना है कि उसने तिब्बती किसानों को दमनकारी लोकतंत्र से शांतिपूर्वक मुक्ति दिलाई और बाहरी ताकतों के खतरे वाले इलाके पर चीन का शासन बहाल किया।
 

विज्ञापन
China pushes for adoption of cultural symbols and language in Tibet
सांकेतिक तस्वीर.... - फोटो : पिक्साबे

विस्तार

चीन के एक शीर्ष अधिकारी वांग यांग ने कहा है कि तिब्बती लोगों को चीनी भाषा बोलने और लिखने के लिए चौतरफा कोशिशों की जरूरत है।

विज्ञापन


अधिकारी ने यह भी कहा कि तिब्बतियों को चीनी राष्ट्र से जुड़े सांस्कृतिक प्रतीकों व छवियों को भी साझा करने की आवश्यकता है। वांग ने यह टिप्पणी बौद्ध नेताओं को गृह क्षेत्र ल्हासा को पोटाला पैलेस के सामने चीनी आक्रमण की 70वीं वर्षगांठ पर की।
विज्ञापन


आलोचकों का कहना है कि चीन द्वारा तिब्बत में अपनी संस्कृति थोपने की कार्रवाई पारंपरिक बौद्ध संस्कृति के पतन का कारण बन सकती है। चीन ने इस आयोजन में तिब्बती अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने की अपनी कोशिशों पर प्रकाश डालते हुए निर्वासित दलाई लामा को अलगाववादी नेता बताते हुए उनकी निंदा की।
विज्ञापन
विज्ञापन


पोलित ब्यूरो स्थायी समिति के सदस्य और जातीय अल्पसंख्यकों के प्रति नीति की देखरेख करने वाले वांग ने कहा कि दलाई लामा और उनके अनुयायियों की गतिविधियों को कुचल दिया गया है। 1951 के बाद तिब्बत अंधकार से उजाले की ओर बढ़ गया है।

विस्तारवादी नीति जारी रखे है चीन
तिब्बत में चीन अपनी विस्तारवादी नीतियां जारी रखे हुए है। वह यहां के लोगों को देश में सुदूर क्षेत्रों में नौकरी के लिए भेज रहा है और चीनी मंदारिन भाषा सीखने के लिए मजबूर कर रहा है। दलाई लामा के मूल निवास पोटाला पैलेस के सामने चीनी अधिकारी ने कहा, 1959 में लामा का विद्रोह नाकाम रहा और वे भारत भाग गए। अब तिब्बत का सही तरह से विकास हो रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed